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टीकाकरण पर अहम सवाल: कोरोना की दूसरी खुराक लेने की समय सीमा क्या है?

by Sneha Shukla

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कोरोना महामारी की दूसरी लहर में हर कोई जल्द से जल्द वैक्सीन लेना चाहता है। ज्यादातर लोगों के मन में सवाल है कि दुसरी खुराक समय पर जाएगी, तो उनके शरीर में वह असरदार होगा, अन्यथा सब बेकार हो जाएगा। जबकि वैज्ञानिक रूप से यह सच नहीं है।

सीएमसी वैल्लोर और देश की वरिष्ठ संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ। गगनदीप कंग के मुताबिक, दो टीकों के बीच अंतराल को लेकर सार्थक नहीं होना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाल ही में गठित राष्ट्रीय टास्क फोर्स के सदस्य डॉ.कांग ने बताया कि वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने की कोई समय सीमा नहीं है। अगर एक व्यक्ति पहली खुराक लेने के बाद 28 दिन, छह या फिर आठ सप्ताह तक दूसरी खुराक नहीं लेता है तो कोई चिंता की बात नहीं है।

अगर आप समय पर वैक्सीन लेते हैं तो ठीक नहीं भी लेते हैं तो भी कोई नुकसान नहीं है। टीका समान ही असरदार होगा जैसा कि 28 या 44 दिन बाद लेने में हो रहा है। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि पत्रकारवितियों को भी टीका न लगना चाहिए लेकिन इसके लिए विशेषज्ञ समिति उचित निर्णय ले सकती है।]

दोनों ही वैक्सीन सुरक्षित, मस्तिष्क से निकाल दें ओर
डॉ। गगनदीप कंग ने स्पष्ट किया कि लोगों को यह दिमाग से निकाल देना चाहिए कि यह वैक्सीन सही है और यह नहीं। कोवाक्सिन और कोविशील्ड दोनों ही सही सुरक्षित और असरदार है। यदि कोई व्यक्ति बीमार है तो फिर चाहे वह दोनों ही वैक्सीन कोरोना हो या वायरल। आप खुद को अस्वस्थ या कमजोर, महसूस कर रहे हैं तो वैक्सीन लगवाने नहीं जाना चाहिए जब तक कि खुद को स्वस्थ न महसूस करें क्योंकि आपका शरीर पहले से ही एक संक्रमण से लड़ रहा है उसपर और अधिक भार नहीं दिया जा सकता है। अगर स्वस्थ हैं, तो प्रतिरक्षा मजबूत है।

कोरोना से रिकवरी के छह सप्ताह बाद लगवाएं वैक्सीन
अगर किसी को कोरोना संक्रमण होता है तो ऐसे व्यक्तियों को चार से छह सप्ताह का इंतजार करना चाहिए। अध्ययन में यह साबित हुआ है कि कोरोना संक्रमण के बाद कम से कम सात महीने वैक्सीन का इंतजार करना चाहिए। हालांकि, भारत में यह अंतराल चार से छह सप्ताह तय किया गया है। इसी के बाद बिना किसी डर के सकारात्मकके लगवा सकते हैं।

दोनों खुराक जरूर लें
यदि कोई टीके की पहली खुराक लेने के बाद सकारात्मक हो जाता है तो उसे स्वस्थ होने के बाद दूसरी डोज लेनी चाहिए। ठीक इसी तरह अगर कोई दोनों खुराक ले लेता है और वह चेष्टा हो जाता है तो उसे भी घबराने की जरूरत नहीं है।

डॉ। कंग ने कहा कि पहली खुराक लेने के बाद शरीर में दर्द बनना लगता है और दूसरी डोज लेने के बाद यह मात्रा काफी मात्रा में बढ़ जाती हैं जो संक्रमण से लड़ने में मदद करती हैं। अगर कोई पहली खुराक लेने के बाद गर्भाधान होता है तो उसके शरीर में काफी दर्द हो जाता है जो सिर्फ सीमित समय के लिए हो सकता है। इसलिए ठीक होने के बाद दूसरी खुराक जरूर लें।

विस्तार

कोरोना महामारी की दूसरी लहर में हर कोई जल्द से जल्द वैक्सीन लेना चाहता है। ज्यादातर लोगों के मन में सवाल है कि दुसरी खुराक समय पर जाएगी, तो उनके शरीर में वह असरदार होगा, अन्यथा सब बेकार हो जाएगा। जबकि वैज्ञानिक रूप से यह सच नहीं है।

सीएमसी वैल्लोर और देश की वरिष्ठ संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ। गगनदीप कंग के मुताबिक, दो टीकों के बीच अंतराल को लेकर सार्थक नहीं होना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाल ही में गठित राष्ट्रीय टास्क फोर्स के सदस्य डॉ.कांग ने बताया कि वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने की कोई समय सीमा नहीं है। अगर एक व्यक्ति पहली खुराक लेने के बाद 28 दिन, छह या फिर आठ सप्ताह तक दूसरी खुराक नहीं लेता है तो कोई चिंता की बात नहीं है।

अगर आप समय पर वैक्सीन लेते हैं तो ठीक नहीं भी लेते हैं तो भी कोई नुकसान नहीं है। टीका समान ही असरदार होगा जैसा कि 28 या 44 दिन बाद लेने में हो रहा है। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि पत्रकारवितियों को भी टीका न लगना चाहिए लेकिन इसके लिए विशेषज्ञ समिति उचित निर्णय ले सकती है।]

दोनों ही वैक्सीन सुरक्षित, मस्तिष्क से निकाल दें ओर

डॉ। गगनदीप कंग ने स्पष्ट किया कि लोगों को यह दिमाग से निकाल देना चाहिए कि यह वैक्सीन सही है और यह नहीं। कोवाक्सिन और कोविशील्ड दोनों ही सही सुरक्षित और असरदार है। यदि कोई व्यक्ति बीमार है तो फिर चाहे वह दोनों ही वैक्सीन कोरोना हो या वायरल। आप खुद को अस्वस्थ या कमजोर, महसूस कर रहे हैं तो वैक्सीन लगवाने नहीं जाना चाहिए जब तक कि खुद को स्वस्थ न महसूस करें क्योंकि आपका शरीर पहले से ही एक संक्रमण से लड़ रहा है उसपर और अधिक भार नहीं दिया जा सकता है। अगर स्वस्थ हैं, तो प्रतिरक्षा मजबूत है।

कोरोना से रिकवरी के छह सप्ताह बाद लगवाएं वैक्सीन

अगर किसी को कोरोना संक्रमण होता है तो ऐसे व्यक्तियों को चार से छह सप्ताह का इंतजार करना चाहिए। अध्ययन में यह साबित हुआ है कि कोरोना संक्रमण के बाद कम से कम सात महीने वैक्सीन का इंतजार करना चाहिए। हालांकि, भारत में यह अंतराल चार से छह सप्ताह तय किया गया है। इसी के बाद बिना किसी डर के सकारात्मकके लगवा सकते हैं।

दोनों खुराक जरूर लें

यदि कोई टीके की पहली खुराक लेने के बाद सकारात्मक हो जाता है तो उसे स्वस्थ होने के बाद दूसरी डोज लेनी चाहिए। ठीक इसी तरह अगर कोई दोनों खुराक ले लेता है और वह चेष्टा हो जाता है तो उसे भी घबराने की जरूरत नहीं है।

डॉ। कंग ने कहा कि पहली खुराक लेने के बाद शरीर में दर्द बनना लगता है और दूसरी डोज लेने के बाद यह मात्रा काफी मात्रा में बढ़ जाती हैं जो संक्रमण से लड़ने में मदद करती हैं। अगर कोई पहली खुराक लेने के बाद गर्भाधान होता है तो उसके शरीर में काफी दर्द हो जाता है जो सिर्फ सीमित समय के लिए हो सकता है। इसलिए ठीक होने के बाद दूसरी खुराक जरूर लें।

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