नई दिल्ली: नई दिल्ली: कोरोना के कारण कई कैदियों की चांदी हो गई है। पिछले साल कोरोना से बचाव के लिए देशभर में कैदियों की सुरक्षा के लिए कई उपाय किए गए थे। इसी क्रम में दिल्ली की तिहाड़ जेल से बहुत सारे कैदियों को इमरजेंसी पैरोल पर रिहा किया गया था। इन कैदियों में से कुछ ने तो अब सरेंडर कर दिया है लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में कैदी फरारा चल रहे हैं। तिहाड़ जेल के मुताबिक कोरोना की शुरुआत में छह हजार 740 कैदियों को रिहा किया गया था जिसमें से तीन हजार 468 कैदियों का कोई अता-पता नहीं है। इन कैदियों की खोज खबर न मिलने के कारण तिहाड़ प्रशासन ने दिल्ली पुलिस से इन कैदियों को पकड़ने के लिए मदद की गुहार लगाई है।
जेल प्रशासन ने बताया कि कुछ कैदियों ने तो सरेंडर कर दिया है, कुछ कैदी सरेंडर कर रहे हैं। हालांकि जेल प्रशासन का मानना है कि कुछ विचाराधीन कैदियों ने इस के लिए भी विश्वास नहीं किया होगा क्योंकि उन्हें अदालतों से नाराज बेल मिल गए होंगे। जेल प्रशासन सभी कैदियों की जानकारी जुटा रहा है।
गौरतलब है कि कैदियों को कोरोना से बचाने के लिए पिछले साल जेल प्रशासन ने कई कैदियों को जेल से इमरजेंसी पैरोल पर रिहा कर दिया था। प्रशासन का मानना था कि अगर ज्यादा संख्या में कैदी रहेंगे तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
बता दें कि इस बार दिल्ली में मंडराता कोरोना का खतरा जेल भी पहुंच गया है। जेल के 68 से अधिक कैदी और 10 से ज्यादा जेलकर्मी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। इनमें मंडोली जेल की जेल अधीक्षक सहित तिहाड़ जेल के 2 डॉ भी शामिल हैं।
तिहाड़ जेल पर भी कोरोना का साया, 12 दिन में 68 कैदी और 11 जेलकर्मी संरचना
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