देशभर में कोरोना के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। कई राज्यों में स्थिति भयावह होती रही है। देशभर में अब भी प्रति दिन सैकड़ों लोगों की मौत हो रही है। ऐसे में कई स्वास्थ्य एक्सपर्ट्स सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए जाते हैं। उनका कहना है कि भारत को पहले अपने देश के लोगों की चिंता करनी चाहिए थी। उनका मानना है कि केंद्र सरकार को पहले यहां के लोगों को वैक्सीन देनी चाहिए थी, इसके बाद मित्रता निभाते हुए विदेशी देशों को कोरोना वैक्सीन देनी चाहिए थी।
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई राज्यों ने भी केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि राज्य को पर्याप्त मात्रा में कोरोना वैक्सीन नहीं दी जा रही है। ऐसे में लोगों के बीच अंतर फैलने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के कई जिलों में कोरोना वैक्सीन की खेप नहीं पहुंची है और हम केंद्र सरकार से वैक्सीन देने की अपील कर रहे हैं। वहीं, मुंबई के मेयर का कहना है कि वैक्सीन की कमी के कारण जिला प्रशासन ने लोगों को वैक्सीन लगाने का काम स्थगित कर दिया है।
देशभर में कोरोना वैक्सीन लगाने का काम जारी
बता दें कि देशभर में लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने का काम तेज गति से आगे बढ़ रहा है। कई राज्यों में बड़े पैमाने पर लोगों को कोरोना वैक्सीन दी जा रही है। हालांकि, कुछ स्थानों पर कोरोना वैक्सीन के स्टॉक में कमी देखने को मिल रही है। वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि सभी राज्यों को जल्द से जल्द पर्याप्त मात्रा में कोरोना वैक्सीन दी जाएगी। केंद्र ने राज्य सरकारों से अपील की है कि वे 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन का डोज लगवाने के लिए प्रेरित करें।
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