कोरोना की महामारी से देश बुरी तरह से जूझ रहा है। कई बार वैक्सीन लेने का बावजूद लोग संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं और कई बार दवाएं भी बेअसर साबित हो रही हैं। ऐसे में अब भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने डीआरडीओ (DRDO) द्वारा विकसित को विभाजित के दवा के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है।
ऑक्सीजन की निर्भरता को कम करती है ये दवा
कहा जा रहा है कि ये दवा कोरोना में बेहद असरदार साबित हो रही है। मंत्रालय ने बताया कि ये दवा रोगियों के जल्द ठीक होने में मदद करने के साथ-साथ ऑक्सीजन की निर्भरता को कम करती है। क्लिनिकल ट्रायल के दौरान ऐसे रोगियों की संख्या सबसे ज्यादा रही जिन्दें यह दवा देने के बाद मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ी। उम्मीद की जा रही है कि यह दवा अगले कुछ हफ्तों में मिलनी शुरू हो जाएगी।
संक्रमण वाले से आलस पर करता है काम है
मंत्रालय ने बताया कि ये दवाई संक्रमण वाले सेल्स पर ही काम करती है। इसकी यही खूबी इसे सबसे खास, अलग और इतना प्रभावी बनाती है।
65 वर्ष से अधिक आयु के रोगियों में तेजी से सुधार
ट्रायल में जिन मरीजों को DRDO की यह दवा दी गई, इलाज के दौरान उनकी स्थिति तीसरे दिन तक बेहतर रही। मंत्रालय ने कहा है कि यह दवा खाने से लसगी और मरीजों की जान बचाने में मददगार सबित होगा। इससे मरीजों को अधिक दिन तक अस्प्रताल में भर्ती होने की भी जरूरत नहीं है। इस दवा के असर से 65 साल से अधिक उम्र के मरीजों में भी तेजी से सुधार देखने को मिला है।
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