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देश भर में कोरोनावायरस की दूसरी लहर का असर देखने को मिल रहा है। कई राज्यों में ये आग की तरह फैल रही है। जिसके कारण हर दिन वायरस से पीड़ित लोगों के आंकड़े सामने आ रहे हैं। वहीं मरने वालों की संख्या में भी लगातार इजाफा देखा जा रहा है। इस स्थिति पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी चिंता व्यक्त की है और लोगों से सावधान रहने की अपील की है।
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने घोषणा की है कि देश में अब कोरोना का एक भी ऐसा वैरिएंट नहीं पाया गया है जिसमें भारतीय संस्करण देखने को मिला है। यानी भारत में वायरस विदेश से आया है। आईसीएमआर के महासचिव बलराम भार्गव ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि ये कोरोनावायरस का कोई भारतीय संस्करण नहीं है और इस कारण से ही कोवाक्सिन और कोविशिल्ड वैक्सीन ने यूके और ब्राजील के वेरिएंट के खिलाफ अपना असर दिखाया है। जबकि दक्षिण अफ्रीका के वैरिएंट की वैक्सीन पर अभी भी काम चल रहा है।
स्वास्थ्य सचिव राजेश भूस्खलन का बयान
स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा जब कोई वायरस अपनी जगह से शिफ्ट होता है, तो वे महत्वपूर्ण परिवर्तन से गुजरता है। इसलिए परीक्षण करना जरूरी होता है, जिससे यह पता चलता है कि वायरस के खिलाफ वैक्सीन प्रभावी है या नहीं।
कोरोना वायरस से है बचाव के उपाय
कोविद 19 के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए हर व्यक्ति को पहले से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। वायरस की दूसरी अवस्था पहले चरण से बहुत खतरनाक है और ये काफी तेजी से देश में फैल रहा है। इसका मुख्य केंद्र महाराष्ट्र बना हुआ है। इसलिए इस वायरस से बचने के लिए चेहरे और सेनेटाइजर का इस्तेमाल बहुत जरूरी है। इसके अलावा कोरोनावायरस की वैक्सीन की सब डोज को लेना भी आवश्यक है, जिससे हम स्वस्थ रहें और वायरस को दूसरों तक फैलाने के लिए रोके।
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