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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के अफसरों को साफ और सख्त निर्देश दे रखा है कि गरीब, असहाय और मजबूर का किसी भी दशा में कोई भी शोषण न करें। इसके बावजूद बस्ती के एक अधिकारी मुख्यमंत्री की गरिमा को तार-तार करते नजर आए।
1 लाख की रिश्वत ली ग्रामीण से
डिप्टी डायरेक्टर मत्स्य पालन बस्ती मंडल जीडी यादव का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वे घुरहू निषाद नाम के एक ग्रामीण से तालाब का दूध करने के नाम पर एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए दिखे। इस वीडियो के वायरल होने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। एक मंडलीय अधिकारी द्वारा एक लाख रुपए की वसूली करने का शायद यह पहला मामला है।
जिसमें मंडल स्तर के एक अफसर अपने पद का ख्याल रखे बिना खुद रिश्वत लेते दिखाई देते हैं। डीडी हस्तगत जीडी यादव पर आरोप है कि सिद्धार्थनगर जिले के मझौली सागर गांव के निवासी घुरहू निषाद ने विभाग की तरफ से मिलने वाले एक सरकारी तालाब के लिए आवेदन किया था। जिसके बारे में डीडी हस्तियों ने घुरहू से एक लाख रुपए कमीशन मांगा, फिर तारीख, जगह और समय तय हुआ।
वीडियो वायरल होने के बाद कमिश्नर ने जांच बैठा दी
एक चाय की दुकान पर घुरहू ने डीडी हस्तियों को बुलाया और एक लाख रुपए रिश्वत देते हुए वीडियो बनाकर पोल खोल दी। किस तरह से प्रदेश में भ्रष्टाचार मुख्यमंत्री के निर्देशों के बावजूद हावी है उसके पास यह साफ समझा जा सकता है कि अधिकारियों को न तो अपने पद की गरिमा का पालन रह गया है और न ही उन्हें जीरो टॉलरेंस नीति की याद है।
ऐसे अफसर केवल अपना हित साधने के लिए हर स्तर पर जाते हैं। डीडी मत्स्यपाल द्वारा रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद अब कमिश्नर अनिल सागर ने जांच बैठा दी है।
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