Home States Haridwar Kumbh Mela 2021: कुंभ में मुख्य स्नान पर्वों पर इस बार ज्यादा भीड़ की संभावना नहीं- अधिकारी
Haridwar Kumbh Mela 2021: कुंभ में मुख्य स्नान पर्वों पर इस बार ज्यादा भीड़ की संभावना नहीं- अधिकारी

Haridwar Kumbh Mela 2021: कुंभ में मुख्य स्नान पर्वों पर इस बार ज्यादा भीड़ की संभावना नहीं- अधिकारी

by Sneha Shukla

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ऋषिकेश: कोविद -19 के मामलों में लगातार हो रही वृद्धि और उससे बचाव के लिए लागू प्रतिबंधों के मद्देनजर अधिकारी इस बार गंगा तट पर हो रहे कुंभ के मुख्य स्नान पर्वों पर ज्यादा भीड़ जुटने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। कोविद महामारी के कारण सीमित अवधि के महाकुंभ के दौरान 12 अप्रैल, 14 अप्रैल और 27 अप्रैल को तीन शाही स्नान पड़ रहे हैं जिनमें अधिकारियों को ज्यादा भीड़ आने की उम्मीद नहीं है। हालांकि, उनका कहना है कि किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं कर ली गयी हैं।

महाकुंभ मेले के पुलिस महानिरीक्षक संजय वाइन्याल ने कहा, ” पुलिस व्यवस्था का एटलस तो अधिकतम भीड़ के लिए ही तैयार किया जाता है। इसलिए हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, कोरोना संक्रमण के पुनः तेजी से बढ़ने और उससे बचाव के लिए लागू दिशा-निर्देशों के कारण हमें बड़े स्नान पर्वों पर ज्यादा भीड़ आने की उम्मीद नहीं है। ” हरिद्वार से लेकर देवप्रयाग तक 670 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में फैले महाकुंभ क्षेत्र के लिए। चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 12,000 पुलिस और 400 अर्धसैनिक बल तैनात हैं जो कानून और व्यवस्था के साथ ही को विभाजित प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करवाएंगे।

30 स्थानों पर आरटी-पीसीआर जांच की जा रही है

हर 12 साल में एक बार होने वाला यह धार्मिक आयोजन: जनवरी से लेकर अप्रैल तक चलता है लेकिन इस बार को विभाजित के चलते इसे एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक केवल एक महीने के लिए सीमित कर दिया गया है। उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से कोरोनावायरस संक्रमण के लगभग 500 मामले सामने आ रहे हैं जबकि मंगलवार को 791 नए रोगियों में महामारी की पुष्टि हुई। कोरोनावायरस संक्रमण को रोकने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरे वातावरण को 30 स्थानों पर विभाजित करने के लिए आरटी-पीसीआर जांच की जा रही है।

महाकुंभ मेले के चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी अर्जुन सेंगर ने बताया कि मेले में 12 प्रयोगशालाएं लगातार जांच की जांच कर रही हैं जबकि 550 बिस्तरों वाले को विभाजित अस्पताल भी तैयार है। उन्होंने बताया कि सभी 13 अखाड़ों के महामण्डलेश्वरों व महंतों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे अपने अनुयायियों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जांच कराने, कार्य पहनने, दो गज की शारीरिक दूरी रखने और नियमित रूप से हाथ धोने के लिए प्रेरित करें।

हाईकोर्ट के आदेश का भी कड़ाई से पालन कराया जा रहा है

इस बीच गढ़वाल मंडल के आयुक्त रविनाथ रमन ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने से ही बचाव का सार्थक विकल्प है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश का भी कड़ाई से पालन किया जा रहा है जिसमें श्रद्धालुओं को 72 घंटे पहले की निगेटिव कोविड रिपोर्ट लाना अनिवार्य है। हरिद्वार और पूरे महाकुंभ मेला क्षेत्र में मंगलवार तक रोजाना 35 हजार आरटी पीसीआर जांच हुई, जबकि अब यह 50 हजार से ज्यादा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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