पटना: पश्चिम बंगाल के रजिस्टपाड़ा गांव में शुक्रवार की देर रात छापेमारी करने गई थानेदार की हत्या मामले में पूर्णिया आईजी ने बड़ी कार्रवाई की है। आईजी ने छापेमारी टीम में शामिल सर्किल इंस्पेक्टर मनीष कुमार सहित 7 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। सभी पर मृतक एसएचओ को घटनास्थल पर छोड़कर भागने की वजह से कार्रवाई की गई है।
एसपी की अनुशंसा पर की कार्रवाई
बता दें कि एसपी कुमार आशीष की अनुंशा पर पूर्णिया रेंज के आईजी सुरेश कुमार चौधरी ने किया पापहीनता के आरोप में सातों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में सिपाही राजू सहनी, अखिलेश्वर तिवारी, प्रमोद कुमार पासवान, उज्ज्वल कुमार पासवान, सुनील चौधरी और सुशील कुमार शामिल हैं।
पुलिसकर्मियों के निलंबन के संबंध में किशनगंज एसपी कुमार अमिश ने कहा कि सातों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई चलाकर कठोर दंड दिया जाएगा।
पूरा मामला क्या है?
गौरतलब है कि उसशनगंज टाउन थाने के एसएचओ अश्विनी कुमार अपनी टीम के साथ बीती रात बंगाल सीमा के पास बाइक चुराने वाले गैंग के एक ठिकाने पर उन्हें दबोचने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान अपराधियों ने पहले उन्हें झूठा करार दिया। फिर उन पर हमला कर उनकी हत्या कर दी।
इधर, घटना की सूचना पाकर आईजी सहित कई बड़े पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मृतक एसएचओ अश्विनी के शव को पोस्टमार्टम के लिए इस्लामपुर अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम के दौरान किशनगंज एसपी, इस्लामपुर एसपी, किशनगंज एसडीपीओ सहित आला अधिकारी मौके पर मौजूद थे। वर्तमान में मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
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