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चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा मंगलवार से नव संवत्सर 2078 का आगाज होगा। इसी के साथ योजनाओं की सत्ता नए रूप धारण करेगी। प्रमति संवत्सर समाप्त हो जाएगा और आनंद नामक नव संवत्सर शुरू होगा। आनंद नव संवत्सर में राजा और मंत्री का पद सेनापति मंगल को प्राप्त है। यह नव संवत्सर साधारण और सामान्य शुभ फलदायक होगा।
नव संवत्सर का निवास माली का घर
- उत्थान ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली के अनुसार इस बार योजनाओं का काल इस प्रकार से है। राजा-मंगल, मन्त्री-मंगल, सतीश-शुक्र, दुर्गेश-मंगल, धनेश-शुक्र, रसेश-सूर्य, धनेश-गुरु, नीरश-शुक्र, फलेश-चंद्र, मेघेश-मंगल होंगे। साथ ही संवत्सर का निवास माली का घर, समय का वाहन घाट।
सत्ता पक्ष में बढ़ेगी आंतरिक समरसता
- ज्योतिषाचार्य अवध नारायण द्विवेदी के अनुसार नव संवत्सर के राजा और मंत्री मंगल हैं। इसलिए सत्ता पक्ष में आंतरिक समरसता रहेगी। मंगल राहु की युतिवर्धक देशों के सामने चुनौती पैदा करेगा।
मंगलकारी नव संवत्सर होगा
- ज्योतिषाचार्यशुतोष वार्ष्णेय के अनुसार नव संवत्सर का प्रारंभ मंगलवार से हो रहा है। इस दिन अश्विनी नक्षत्र और मेष का चंद्रमा रहेगा। 27 नक्षत्रों में सर्वप्रथम अश्विनी नक्षत्र आता है और 12 राशियों सर्वप्रथम मेष राशि आती है। ग्रह स्थिति के अनुसार नव संवत्सर मंगलकारी रहेगा।
नव संवत्सर से जुड़ी मान्यताएँ
- चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नववर्ष का आरंभ माना जाता है।
- ब्रह्मा जी ने सृष्टि की संरचना शुरू की थी।
- भगवान विष्णु ने मत्स्य रूप में अवतार लिया था।
- शालीवाहन ने शकों पर विजय प्राप्त की थी।
- सम्राट विक्रमादित्य ने विक्रममी संवत का प्रवर्तन किया था।
- 12 वर्ष और 7 दिन का एक सप्ताह रखने का प्रचलन शुरू हुआ।
- अंग्रेजी कैलेंडर से 57 वर्ष आगे चलता है।
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