महाराष्ट्र भारत का एक ऐसा राज्य है जो इन दिनों कोरोनावायरस का केंद्र बना हुआ है। यहां लगातार लोग वायरस की चपेट में आ रहे हैं और आंकड़ों में इजाफा हो रहा है, लेकिन इस बीच लोगों को वैक्सीन देने का काम भी तेजी से चल रहा है। इसी के चलते महाराष्ट्र में महज 70 दिनों के अंदर 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को को विभाजित वैक्सीन दी जा चुकी है। ये राज्य की आबादी की ¾ मानी जा रही है। क्योंकि यहाँ रहने वालों की संख्या 3 करोड़ के करीब है। इस कारण से महाराष्ट्र देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने अब तक सबसे ज्यादा वैक्सीन लगाई है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य को कम से कम एक खुराक के साथ लगभग एक तिहाई लक्ष्य आबादी को कवर करने में 70 दिन से कम समय लगा। वहाँ मूल्यांकन लगभग 96 लाख डोज के साथ दूसरे स्थान पर है। महाराष्ट्र के प्रमुख स्वास्थ्य सचिव डॉ। प्रदीप व्यास ने बताया कि लगभग 86.3 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों और 72.7 प्रतिशत एयरलाइन वर्कर्स को वैक्सीन की पहली खुराक मिली है। उन्होंने कहा कि 45 से ज्यादा उम्र के लोगों में लगभग 19.7 प्रतिशत जनसंख्या को अब तक कवर किया गया है।
महाराष्ट्र में वैक्सीन का आंकड़ा
रविवार दोपहर तक महाराष्ट्र में 1 करोड़ 38 हजार 421 डोज दी गई थीं जिनमें 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को 71 लाख, जबकि 15.52 लाख स्वास्थ्य कार्यकर्ता और 12.50 लाख सीमावर्ती कार्यकर्ता शामिल थे। एक करोड़ खुराक में से 89.7 लाख को पहली खुराक दी गई है और 9.5 लाख लोगों को दोनों खुराक दी गई हैं।
६२ वैक्सीनेशन केंद्र में मिलता है वैक्सीन
राज्य में पिछले सप्ताह वैक्सीन की कमी देखने को मिली थी, जो सोमवार तक पूरी हो जाएगी। डॉ व्यास ने बताया कि सोमवार तक 14 लाख खुराक मिलने की संभावना है। 16 जनवरी को राष्ट्रीय अभियान के पहले दिन केवल 18,338 वैक्सीनेशन से अब तक का वैक्सीनेशन 3 अप्रैल को 4.6 लाख तक बढ़ गया है। मुंबई में नागरिक अधिकारियों ने कहा कि 71 निजी वैक्सीनेशन केंद्रों में से 62 सोमवार को टीकाकरण शुरू होगा।
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