पटना: कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर तेजी से फैल रही है। बिहार में रोजाना कोरोना के सैकड़ों नए मामले सामने आ रहे हैं। अस्पतालों में बेड की कमी की वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में कोरोनाटेन्स की परेशानी को दूर करने के लिए बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने गुरुवार को बताया कि पटना स्थित एनएमसीएच कोविविड डेडिकेटेड अस्पताल बनाया जाएगा, जहां सिर्फ कोविड मरीजों का इलाज होगा।
आईजीआईएमएस में शुरू किया गया था विभाजित इकाई
उन्होंने बताया कि आईजीआईएमएस में विभाजित रोगियों के लिए 50 बिस्तर का अस्पताल शुरू किया गया है। उनकी मानें तो तीन दिनों के अंदर आईजीआईएमएस में और एक सौ बेड की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, सभी स्थानों पर आक्सीजन की उपलब्धता बरकरार रहेगी। ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत को निर्देश दिया गया है।
इधर, निर्देश के आलोक में मुख्य सचिव ने उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें आवश्यक निर्देश दिए हैं। मंगल पांडेय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर कोरोना संक्रमण को ओवर करने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं। टेस्टिंग के अलावे वैक्सीनेशन भी तेजी से हो रहा है।
कोरोना के रिकॉर्ड का मामला सामने आया
गौरतलब है कि बिहार में कोरोना ने एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़ा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक गुरुवार को कोरोना के 6133 नए मामले सामने आए हैं। ऐसे में सूबे में कोरोना के सक्रिय रोगियों की संख्या 29078 हो गई है। वहाँ, 24 घंटे में रिकॉर्ड 2105 नए रोगी मिले हैं।
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