पट: अगर आप कोरोना पॉजिटव हो गए हैं और ठीक होना चाहते हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। इससे लड़ने के लिए सबसे पहले आपको हौसला रखना होगा। अगर अंदर से खुद को ऐसा बना लिया तो फिर कोरोना को हराने से आपको कोई रोक नहीं सकता। ऐसा कर दिखाया गया है पटना की रहने वाली 105 साल की वृद्ध महिला देमंती देवी ने।
कोरोना से जंग जीतने के बाद वृद्ध महिला ने अनुभव साझा किया। सबसे बड़ी बात यह है कि महिला को किसी अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया था, बल्कि होम आइसोलेशन में ही उन्होंने कोरोना से जंग जीत ली है। महिला का बेटा डॉ भी पॉजिटिव था लेकिन खुद के साथ उसने अपनी मां को भी हिम्मत के साथ काम लेने के लिए कहा जिसके बाद रिजल्ट सामने है और आज सभी स्वस्थ हो चुके हैं।
11 अप्रैल को पता चला कि पूरा परिवार निष्क्रिय है
पटना के आशियाना नगर में रहने वाले डॉ। डीएन अकेले 68 साल के हैं। उनकी मां 105 साल की हैं जबकि उनकी पत्नी 61 साल की है। बीते 11 अप्रैल को पता चला कि उनका पूरा परिवार कोरोनाबर्ट हो चुका है। जब यह पता चला तो घर के लोग घबराए नहीं बल्कि हौसला रखते थे कि इससे किसी तरह लड़ना है और कोरोना को भगाना है।
रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद घर में खुश हो गई
परिवार ने जो भी जरूरी दवा दी थी उसे लेने शुरू कर दिया था। 22 अप्रैल को सबकी रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद घर के लोगों में खुशी छा गई। 105 वर्षीय देमंती देवी ने कहा कि संक्रमण के दौरान उन्हें बुखार और गले में समस्या थी। इधर, परिवार के स्वस्थ होने के बाद अब आसपास और अन्य लोगों को परिवार कोरोना से लड़ने के लिए हौसला दे रहा है, जो भी इस बीमारी की चपेट में आ गया वह जल्द स्वस्थ हो सकता है।
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