नई दिल्ली: कोरोना से जंग जीतने के लिए जान के तमाम देश भारत की मदद कर रहे हैं। दूसरे देश लगातार भारत को मेडिकल उपकरण मुहैया करा रहे हैं। आज ब्रिटेन से तीन ऑक्सीजन और 1000 वेंटिलेटर की एक खेप भारत आई है। हर साल एक मिनट में 500 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन कर सकता है, जो एक समय में 50 लोगों का इलाज करने के लिए पर्याप्त है। इससे पहले भी यूके की तरफ से काफी संख्या में मेडिकल उपकरण भेजे जा चुके हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर ये जानकारी दी। उन्होंने कहा, “हम अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे ले जा रहे हैं। 3 ऑक्सीजन और 1000 वेंटिलेटर की खेप ब्रिटेन में आ गए हैं। हमारे कर्बी दोस्त से ये योगदान महत्वपूर्ण है।”
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हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे ले जाना। 3 O2 जनरेटर और 1,000 वेंटिलेटर की खेप ब्रिटेन से आती है। प्रत्येक जनरेटर में 500 लीटर O2 / मिनट का उत्पादन करने की क्षमता है, जो एक समय में 50 लोगों के इलाज के लिए पर्याप्त है। हमारे करीबी दोस्त से योगदान को गहराई से मानें pic.twitter.com/FmOCJYUUKz– अरिंदम बागची (@MEAIndia) 9 मई, 2021
दुनिया का सबसे बड़ा मालवाहक विमान
महामारी से तुलना में भारत की मदद के ताजा प्रयास के तहत शुक्रवार को उत्तरी आयरिश के बेलफास्ट से दुनिया का सबसे बड़ा मालवाहक विमान ने उड़ान भरी थी। ब्रिटिश सरकार ने कहा था कि टर्मिनल के कर्मियों ने रातभर एपिसोड कड़ी मेहनत करते हुए विशालकाय एंटोनाव 124 विमान में जीवन रक्षक दवाओं लारी। एफसीडीओ ने इस आपूर्ति के लिए कोष प्रदान किया है।
विमान में आवश्यक उपकरणों को लादे जाने के दौरान उत्तरी आयरलैंड के स्वास्थ्य मंत्री रोबिन स्वान बेलफास्ट आंतरिक टर्मिनल पर मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि यह हमारी नैतिक ज़िम्मेदारी है कि हम हरसंभव मदद और सहायता प्रदान करें।
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