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मई में शनिदेव की इस दिन से बदलेगी चाल, शनि ढैय्या व साढ़ेसाती से पीड़ित राशियों पर पड़ेगा अशुभ प्रभाव

by Sneha Shukla

शनि मई महीने में अपनी चाल बदल जाएगा। शनि की उल्टी चाल 23 मई को शुरू होगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि की उल्टी या वक्री चाल काफी महत्वपूर्ण होती है। शनि की चाल परिवर्तन का सभी 12 राशियों पर असर पड़ता है। लेकिन शनि की वक्री चाल का शनि की साढ़ेसाती और शनि ढैय्या से पीड़ित होने वाले नागरिकों को ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इस समय मकर, कुंभ व धनु राशि वालों को शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है तो वहीं मिथुन और तुला राशि वालों पर शनि की ढैय्या चल रही है। जानिए शनि की वक्री चाल से किन राशि वालों को होगी परेशानी-

शनि की वक्री चाल कांभ, धनु व मकर राशि पर असर-

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, शनि की उल्टी चाल से धनु, मकर वंब राशि वालों को कष्टों का सामना करना पड़ सकता है। शनि की वक्री चाल से दुश्मनी बढ़ने का खतरा होने के साथ ही पिता के साथ मतभेद होने की भी संभावना है। इस दौरान किसी भी तरह का नया कार्य प्रारंभ न करें। काम का बोझ बढ़ने से मानसिक तनाव हो सकता है। वाहन चलाने के लिए समय सावधानी बरतने की आवश्यकता है। सेहत को लेकर सावधानी बरतें।

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शनि की वक्री चाल का मिथुन वंत राशि पर असर-

वर्तमान में मिथुन ववेन राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है। शनि ढैय्या से पीड़ित होने वालों के शनि की चाल परिवर्तन से मुश्किलें बढ़ सकती हैं। स्वास्थ्य व करियर को लेकर सावधान रहने की आवश्यकता है। सेहत बिगड़ने की संभावना है। इसलिए सेहत को लेकर लापरवाही बिल्कुल न बरतें। खान-पान पर ध्यान दें और साझेदारी पर किए गए कामों में सर्तक रहें। वर्ना विश्वासघात हो सकता है।

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शनि दोष से मुक्ति पाने के उपाय-

शनि के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए। मान्यता है कि हनुमान जी की पूजा करने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा शनिवार के दिन हनुमान जी के मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ करें। हालांकि कोरोना काल में घर के मंदिर में ही हनुमान चालीसा का पाठ किया जा सकता है। भगवान शिव की पूजा से भी शनिदेव प्रसन्न होते हैं। शनि मंत्रों का जाप करने से लाभ होता है। शनिवार के दिन शनिदेव से जुड़ी चीजों का दान करना लाभकारी साबित होता है। पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए।

(इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते हैं कि ये पूर्णतया सत्य और सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

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