नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा में सरकारी को विभाजित अस्पतालों में कोरोना रोगियों के इलाज में लापरवाही और दुर्व्यवहार की शिकायत फोनरवा और आरडब्ल्यूए के लोगों को मिली। शिकायत मिलने के बाद आरडब्ल्यूए और फोनरवा के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से क्लास मीटिंग कर इस बात की शिकायत की। जिलाधिकारी से मांग की गई कि सभी सरकारी सरकारी अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। जिलाधिकारी ने फिर से और आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही सभी सरकारी को विभाजित -19 अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और प्रदर्शन भी होंगे। अगर कोई भी डॉक्टर या कर्मचारी मरीजों के साथ दुर्व्यवहार या उनके इलाज में लापरवाही करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ प्रकरण से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मरीजों का बेहतर इलाज होगा
नोएडा के जिलाधिकारी ने बैठक में भरोसा दिलाया कि जल्द ही सभी सरकारी कोटि हॉस्पिटलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे जिससे मरीजों की निगरानी संभव हो सकेगी। कैमरों के लगने से आरडब्लूए और पुनः कोई उम्मीद नहीं है कि कर्मचारियों और डॉक्टरों में कैमरा लगने के बाद इस बात का डर होगा कि अगर उन रोगियों के इलाज में लापरवाही करेंगे तो उनका सारा कारनामा सीसीटीवी में कैद हो जाएगा और निगरानी कर अधिकारी उनके खिलाफ प्रकरण कार्रवाई भी कर सकते हैं। सीसीटीवी कैमरे लगने से ना सिर्फ मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा बल्कि अस्पताल के बाहर बैठे तीमारदार भी अपने मरीजों को देखकर उनका हाल जान लेंगे।
तीर्थयात्रियों को भी राहत मिलेगी
नोएडा के चाइल्ड पीजीआई को जिला प्रशासन ने कोविड अस्पताल बना दिया है। यहां कोरोना के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। अधिकांश स्थानों पर कैमरा लगा हुआ है कुछ स्थानों पर कैमरे नहीं हैं। जहां कैमरे नहीं लगे हैं वहां भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे ताकि मरीजों की निगरानी की जा सके। माना जा रहा है कि सरकारी को विभाजित -19 अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद ये पता चल सकेगा कि मरीजों को बेहतर इलाज मिल रहा है या नहीं। अपने मरीज का हाल जानने के लिए परेशान तीमारदारों को भी काफी राहत मिलेगी।
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