<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> छपरा: strong> बिहार में तेजी से फैल रहा कोरोना संक्रमण ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की परेशानी बढ़ा दी है। संक्रमण की गति देखकर बच्चे, बूढ़े, युवा सभी सकते में आ गए हैं। रोजाना कोरोना के सैकड़ों नए मामले सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को बिहार के छपरा जिले में रिमांड होम के 38 बच्चे कोरोनाटे पाए गए हैं। ऐसे में सभी को छपरा सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। & nbsp; p>
सिविल सर्जन ने कही ये बात strong> p>
इस संबंध में छपरा सिविल सर्जन ने बताया कि जैसे ही हमलोगों को सूचना मिली कि 38 बच्चे कोरोना से सतर्क हैं, उसी तरह रिमांड होम के सभी संदिग्ध बच्चों को हम लोगों ने सदर अस्पताल में भर्ती कराया है। सभी का इलाज जारी है। मालूम हो कि छपरा में कोरोना बड़ी तेजी से पांव पसार रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से रविवार की शाम जारी आंकड़े के अनुसार जिले में कोरोना के 1526 सक्रिय केसेज हैं। जबकि जिले में अब तक कोरोना से 65 लोगों की मौत हो चुकी है। & nbsp; p>
सरकार ने राज्य में लगाया नाइट कर्फ्यू strong> p>
गौरतलब है कि बिहार में कोरोना के बढ़ते प्रभाव को ही देखते हुए सरकार ने राज्य में नाइट कर्फ्यू लगाने का एलान किया है। साथ ही स्कूल सहित अन्य शिक्षण संस्थान को 15 मई तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। इसके साथ ही परीक्षाओं को भी स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, बिहार पुलिस भर्ती की परीक्षाओं को इस आदेश के दायरे से बाहर रखा गया है। & nbsp; p>
क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के साथ बैठक के बाद सीएम नीतीश ने रविवार को पीसी की थी, जिसमें उन्होंने बताया कि राज्य में 15 मई तक पार्क, मॉल, गार्डन, सिनेमा हॉल आदि बंद रहेंगे। सरकारी भवनों को पांच बजे तक बंद कर दिया जाएगा। वहीं, एसबीई के सभी दुकान अब 7 बजे के बजाय 6 बजे ही बंद हो जाएंगे। घर की स्थापना की सुविधा रात 9 बजे तक रहेगी। वहीं, धर्मिक स्थलों को बंद रखने का फैसला जो 30 अप्रेल तक का था, उसे बढ़ाकर 15 मई तक किया गया था। p>
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