<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> रायबरेली। strong> कोरोना काल में जहां एक तरफ लोग आपदा में अवसर तलाश कर सब्जी व फलों के दाम दोगुने-तिगुने दामों पर बेच रहे हैं। तो वहीं दूसरी तरफ रायबरेली में सब्जी व फलों के दाम निर्धारित कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने सख्ती दिखाई। आवश्यक चीजों के मूल्य निर्धारित होने से मुनाफाखोरी पर लगाम लगने की उम्मीद है। & nbsp; p>
दरअसल, कोरोना महामारी के कारण फल व सतर्कियां कई गुना ऊंचे दामों पर बेची जा रही थी। जिसके बाद जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने फल और सब्जियों के थोक व फुटकर बिक्री के मूल्य तय कर दिए हैं। उन्होंने एक रेट लिस्ट जारी कर सभी मातहतों को निर्देशित किया है। सभी से गाइडलाइन के मुताबिक ही फल, सब्जी बेचने को कहा गया है। आदेश में कहा गया कि महंगे दामों पर अगर सतर्कता बेची जाती है तो उस पर कार्रवाई सुनिश्चित करें। लिस्ट जारी होने के बाद जहां आम लोगों को राहत मिली है वही फल व सब्जी विक्रेताओं के मनमाने रवैए पर भी अंकुश लगा है। p>
हालांकि थोक व फुटकर निर्माताओं को प्रशासन का आदेश रास नहीं आ रहा है। बुलेट व फुटकर विक्रेताओं का कहना है कि जिस कीमत पर हम लोगों को मिलता है, अपना खर्चा और थोड़ा सा प्रॉफिट लेकर हम लोग बेच रहे हैं। उनका कहना है कि हम लोग प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार ही काम कर रहे हैं। कोई चीज अगर हमें परेशान करती है तो हमारी मजबूरी होगी, उसी के अनुसार हम बेचे। p>
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