Home States अस्पताल में जगह पाने के लिए मच्छरदानी का सहारा ले रहे हैं कोरोना मरीजों के परिजन
अस्पताल में जगह पाने के लिए मच्छरदानी का सहारा ले रहे हैं कोरोना मरीजों के परिजन

अस्पताल में जगह पाने के लिए मच्छरदानी का सहारा ले रहे हैं कोरोना मरीजों के परिजन

by Sneha Shukla

<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> प्रयागराज: कोरोना महामारी के मुश्किल वक़्त में जहां एक तरफ मरीजों को अस्पतालों में बिस्तर पाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है, तो वहीं संगम नगरी प्रयागराज में को विभाजित मरीजों के परिवार वालों और तीमारदारों को अलग ही पहचान है। मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। यहां लेवल थ्री के एसआरएन अस्पताल में मरीजों के परिवार वालों को अस्पताल में रुकने की इजाज़त नहीं है, लिहाज़ा लोग बाहर पार्क में अपना वक़्त बिताते हैं। पार्क में सीमित जगह है और रुकने वालों की तादात ज़्यादा होती है, लिहाज़ा आसमान से आग बरसती गर्मी के बीच एक-एक इंच जगह पाने के लिए लोगों को खासी जद्दोजहद करनी पड़ती है। खुले आसमान के नीचे जगह पाने के लिए लोगों ने यहां अनोखा तरीका निकाला है, जो दिलचस्प तो है, लेकिन साथ ही सिस्टम के दावों की पोल खोलने और लोगों की परेशानी बयां करने वाला भी।

संगम नगरी प्रयागराज में मेडिकल कॉलेज द्वारा संचालित स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल, जिले ही नहीं मंडल का यह कोविड का सबसे बड़ा अस्पताल है। लेवल थ्री के इस अस्पताल में तकरीबन ढाई सौ मरीज भर्ती हैं। मरीजों के परिजनों व अन्य लोगों को बोली में जाने की इजाज़त नहीं होती, लेकिन फिर भी ज़्यादातर मरीजों के परिवार के कुछ सदस्य यहां पूरे वक़्त डेरा जमाए रहते हैं। बिल्डिंग के बाहर अस्पताल गेट के पास पार्कनुमा खुली जगह है। ज़्यादातर परिजन इस तपती दुपहरी में भी यहीं खुले आसमान के नीचे अपना वक़्त बिताते हैं। कई बार रात के वक़्त तो यहाँ इतनी भीड़ हो जाती है कि लेटने के लिए लोगों को जगह तक नहीं मिलती।