Home States आइसोलेशन सेंटर में बेहतर इलाज मिलने की वजह से ठीक हो रहे गंभीर मरीज, DM ने की डॉक्टरों की तारीफ 
आइसोलेशन सेंटर में बेहतर इलाज मिलने की वजह से ठीक हो रहे गंभीर मरीज, DM ने की डॉक्टरों की तारीफ 

आइसोलेशन सेंटर में बेहतर इलाज मिलने की वजह से ठीक हो रहे गंभीर मरीज, DM ने की डॉक्टरों की तारीफ 

by Sneha Shukla

जहानाबाद: मौजूदा समय में हर तरफ बिहार के स्वास्थ्य व्यवहार को लेकर सरकार की किरकिरी हो रही है। लेकिन इसी बीच कुछ आइसोलेश केंद्र और अस्पताल ऐसे हैं, जहां की बेहतर व्यवस्था के कारण से गंभीर रोगी स्वस्थ होकर घर वापस लौट रहे हैं। बिहार के जहानाबाद जिले के सदर अस्पताल परिसर स्थित जीएनएम कॉलेज में संचालित डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर भी उनमें से एक हैं। केंद्र में उपल्भ ऑक्सीजन, पर्याप्त दवाएं और इलाज के अन्य सुविधाओं के सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं।

खुद डीएम कर रहे हैं निगरानी

बीते दिनों इस केंद्र से गंभीर रूप से टाइप 16 मरीज कोरोना से जंग जीतते हुए पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौटे। ठीक होने वालों में नौजवानों से लेकर 76 साल के बुजुर्ग भी शामिल हैं। दरअसल, जिले के सबसे बड़े कोविड कैर सेंटर पर स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारी के साथ-साथ जिलाधिकारी नवीन कुमार ने भी नजर रखी है।

डीएम ने केंद्र से लगातार गंभीर रोगियों के ठीक होने के घर लौटने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मरीजों के उपचार में लगे चिकित्सकों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के काम की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह की कोरोना के हालात बने हैं, उसमें सिविल सर्जन, एसीएमओ, छसी प्रभारी और आइसीयू के नोडल पदाधिकारी, डीपीएम जिला स्वास्थ समिति ने दृढ़ संकल्प, कर्मठता और कर्म निष्ठा की जो प्रदर्शन किया है, वह काबिले तारीफ है।

गंभीर हालत में आए मरीज थे

डीएम नवीन कुमार ने बताया कि विभागीय अधिकारी, डाक्टर और कर्मियों के छापे भरे प्रयासों से सैकड़ों गंभीर मरीजों की जान बचाने में सफलता मिली है। इससे यहां के स्वास्थ्य महकमें की वापसी बढ़ी है। सभी 16 रोगियों का ऑक्सीजन लेवल 60 से 80 प्रतिशत तक गिर चुका था और उन्हें बुखार, सर्दी, खांसी इत्यादि के लक्षण परिलक्षित होने के बाद काफी गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

उन्होंने बताया कि मरीजों का चिकित्सकों और नर्सों की ओर से निरंतर ऑब्जर्वण किया गया और निरंतर देखने-रेख में रखा गया। जरूरत के हिसाब से उन्हें ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति की गई। रेमदेविर और फेविफ्लू से लेकर हर जरूरी और दुर्लभ हो रही दवाओं की यहां जरूरत के हिसाब से मरीजों को आपूर्ति की गई, जिसका परिणाम रहा कि मरीज लगातार ठीक होते रहे।

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