आगरा: ताज नगरी आगरा में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ताजगंज शमशान घाट पर लगातार पहुंच रही लाशों को देखकर साफ जाहिर होता है कि आगरा प्रशासन के आंकड़ों की बाजीगरी से शहर के हालात को लेकर सभी अच्छी तरह से बता रहे हैं। एबीपी गंगा की टीम जब मोक्षधाम शमशान घाट पहुंची तो पाया कि सामान्य शमशान घाट हो या विद्युत शवदाह गृह के दोनों स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग अपने स्वजनों के अंतिम संस्कार के लिए पहुंच रहे हैं।
अचानक बढ़ गया है शकों की संख्या
आगरा प्रशासन के झूठ की पोल खोलने के लिए श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी जो श्मशान घाट संचालित करती है उसके काउंटर पर मौजूद शख्स अतर सिंह से बात की गई तो पता चला कि शमशान घाट पर पहले 15 से 18 शव रोज पहुंचते हैं लेकिन 4 दिन में ये संख्या से 25 से अधिक हो गई है। वहीं, विद्युत शवदाह गृह पर अंतिम संस्कार होने वालों की संख्या डबल हो गई है। कुल मिलाकर दोनों श्मशान घाट पर खड़ी गाड़ियां और वहां मौजूद भीड़ बता रही है कि अचानक शमशान घाट पर शव बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। आगरा प्रशासन के रोज़ाना कोरोनावायरस से होने वाली मौत के आंकड़े शमशान घाट की तस्वीर से अलग हैं।
हालात बेहद खराब हैं
वहीं, दूसरी ओर क्षेत्र बजाजा कमेटी का शव वाहन चलाने वाले नरेंद्र कहते हैं कि सुबह जल्दी आ जाते हैं और देर रात 12 बजे तक घर पहुंचते हैं। दिनभर शवों को लाकर श्मशान घाट पहुंचते हैं। हालात बेहद खराब हैं। कुल मिलाकर शमशान घाट की तस्वीर देखने के बाद कोरोना की भव्याह स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। वहीं, आगरा जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह के मुताबिक सबकुछ ‘ओके’ है।
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