रमजान के मुकद्दस महीने की पहली शबे कद्र सोमवार रात होगी। 20 रमजान की रात को रमजान की 21 वीं शब होती है। इस रात इबादत का सवाब कई हजार गुना बढ़ जाता है। 20 रमजान को दूसरा अशरा भी मुकम्मल हो जाएगा, उसके बाद तीसरा अशरा शुरू हो जाएगा।
रविवार को 19 रोजा पूरी अकीदत के साथ पूरा किया गया। लोगों ने सुबह सहरी के बाद से अल्लाह की इबादत शुरू कर दी। लॉक डाउन की वजह से ज्यादातर लोगों ने घरों में रहकर ही इबादत की। महिलाओं ने रोजा रखने के साथ इफ्तारी का इंतजाम किया। इक्का के समय सभी ने इस महामारी के खात्मे की दुआ की।
सुन्नी हेल्पलाइन
सवाल: – क्या गिरवी ने जेवर पर भी जकात वाजिब रखा है?
उत्तर: – उस जेवर की जकात आपके संदर्भे नहीं है।
सवाल: – हमारे यहां कैदियों के सिवा कोई गरीब नहीं तो सदका फिटर किस तरह से करें, क्या कैदियों का शुमार गरीब में है?
उत्तर: – जबकि उने पास निसाब के बराबर माल न हो तो वह गरीब हैं, उन्हें सदका फिटर देना सही है।
सवाल: – क्या ट्वीट के लिए जा रहे शख्स को रकम कम पड परे पर जकात की रकम देना सही है?
उत्तर: – उसे जकात की राशि देना सही नहीं है।
सवाल: – क्या ऐतिकाफ के दौरान मस्जिद में बैठ कर ऑनलाइन शॉपिंग की जा सकती है?
उत्तर: – उसे कोई नुकसान नहीं होना चाहिए।
प्रश्न: – ऐतिकाफ के दौरान क्या आमाल किया जाता है?
उत्तर: – ऐतिकाफ के दौरान कुरान, दुरूद, इस्तिगफार व तस्बीहात, अच्छी बातें करने, दीनी किताबें पढ़ें, तकरीर व नसीहत, अल्लाह का जिक्र करना चाहिए।
= सुन्नी हेल्पलाइन से पूछे जाने वाले प्रश्न
इस्लामिक सेंटर आफ इण्डिया के तहत दारूल निजीमिया फरंगी महल हेल्प लाइन से लोग फोन और म.उंपस के जरिए रोजा, नमाज, जकात और दूसरे सवालात मुल्क और बाहर के मुल्कों में भी करते हैं। ये सौतला के जवाब मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली की चाल में उलमा का एक पैनल देता है, लोग अपने सवालात पर दोपहर 2 बजे से 4 बजे के दौरान इन नम्बरों के दौरान
9415023970 9335929670, 9415102947, 7007705774, 9140427677 और
ईमेल: ramzanhelpline2005 @ gmail.com, www.farangimahal.in
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