<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> प्रयागराज: strong> को विभाजित -19 के बढ़ते संक्रमण को लेकर इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी से बड़ी खबर आई है। इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी को 30 अप्रैल तक बंद और सील करने के आदेश जारी किए गए हैं। पहले 21 अप्रैल तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने बंद करने का आदेश दिया था। विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों के लगातार को अलग-अलग होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। p>
बता दें कि इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के सौ से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी कोरोनाटे हैं। कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव के निर्देश पर 30 अप्रैल तक विश्वविद्यालय को बंद किया गया। यूनिवर्सिटी के ज़ रेज रजिस्ट्रार ए के कनौजिया ने यह आदेश जारी किया है। p>
बता दें कि इससे पहले तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने अपने सभी हॉस्टल्स को को विभाजित वार्ड बनाने का महत्वपूर्ण फैसला लिया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने तमाम हॉस्टल में रहकर स्टूडेंट से तुरंत हॉस्टल खाली करने की अपील की थी और कहा कि वह अपने घर लौट जाएं, उनकी पढ़ाई ऑनलाइन मोड पर जारी रहेगी। p>
प्रशासन की अपील के बाद फैसला strong> p>
इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने यह निर्णय लिया कि जिला प्रशासन के अनुरोध के बाद लिया गया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव के निर्देश पर असिस्टेंट रजिस्ट्रार देवेश कुमार गोस्वामी ने डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर के पी सिंह को पत्र लिखकर कहा है कि प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए कुलपति के निर्देश पर हॉस्टलों को तत्काल खाली कर लिया जाना चाहिए, यह निर्देश छात्र हित को देखते हुए लिया गया है। इसके साथ ही हॉस्टल को कोरोना वार्ड में संशोधित करने के लिए प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। p>
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