<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> पिथौरागढ़। strong> & nbsp; कोरोनावायरस संक्रमण के मामले में उछाल के मद्देनजर भारत ने नेपाल से प्रवेश करने पर सख्ती दिखाई है। यहां चंपावत और पिथौरागढ जिले में स्थित सीमा पुलों के माध्यम से नेपाल से देश में प्रवेश करने वाले पड़ोसी देश के नागरिकों के लिए को विभाजित निगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य कर दिया गया है। & nbsp; टनकपुर के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों सीमावर्ती जिलों के प्रशासन ने सीमा पुलों को सीमित कर दिया है। के माध्यम से नेपाल से भारत में रोजमर्रााना खरीदारी के लिए आने वाले लोगों के लिए 72 घंटे पहले की कोरोना निगेटिव जांच रिपोर्ट लाना अनिवार्य कर दिया गया है। पिथौरागढ़ और चंपावत जिले में भारत और नेपाल को जोड़ने वाले लगभग आधा दर्जन पुल हैं जिनके जरिए बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक रोज़ भारतीय विमानों में आते हैं। p>
दिखानी होगी RT-PCR निगेटिव रिपोर्ट strong> p>
टनकपुर के उपजिलाधिकारी हिमांशु कफल्टिया ने बताया, ‘हमने भारत में आने के इच्छुक हर नेपाली नागरिक के लिए 72 घंटे पहले की को विभाजित निगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य कर दिया है और इसके बिना उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं होगी’ & nbsp; p>। <पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> उन्होंने बताया कि नेपाल के लोग इन पुलों के माध्यम से भारतीय कारखानों में आवश्यकता की वस्तुएं खरीदने और सीमा के इस पार रहने वाले अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए आते रहते हैं लेकिन को विभाजित मामलों में हो रही वृद्धि के मद्देनजर पाधान लगाने की आवश्यकता महसूस की गई है। । धारचूला में तैनात एक एसएसबी अधिकारी मान सिंह ने कहा कि आरटी-पीसीआर रिपोर्ट न होने के कारण सीमा से नेपाल के कई नागरिकों को लौटा दिया गया। p>
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