देहरादून। उत्तराखंड में लगातार बढ़ते कोविंद -19 मामलों के बीच सोमवार से देहरादून, ऋषिकेश, हलद्वानी, रूद्रपुर, रामनगर सहित ज्यादा प्रभावित कई क्षेत्रों में एक सप्ताह के लिए कोरोना कर्फ्यू लगा दिया गया है। जबकि राज्यमंडल ने 18 से 45 वर्ष के सभी लोगों को नि: शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाने जैसे महामारी से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
तीन मई तक कोरोना कफ़्यू लगाया गया था
देहरादून जिले के देहरादून नगर निगम, ऋषिकेश नगर निगम, छावनी परिषद गढी कैंट और क्लेमेंटाउन, पौड़ी जिले के कोटद्वार और लक्ष्मण झूला, नैनीताल जिले के हल्द्वानी, रामनगर और लालकुंआ और उधमसिंह नगर जिले के सभी नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत सोमवार ह तीन मई की सुंबह तक के लिए कोरोना कर्फ्यू दिया गया।
इस दौरान निजी वाहनों की आवाजाही भी प्रतिबंधित रहेगी। हालांकि, आवश्यक वस्तुओं की दुकानों, आवश्यक सेवाओं और औद्योगिक संस्थानों में कार्य करने वाले लोगों को इससे छूट दी गयी है।
कर्फ्यू का कड़ाई से पालन करने के निर्देश
इससे पहले, रविवार को कोविद -19 पर बुलाई एक आपातकालीन बैठक में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जिला प्राधिकरणों को अपने विवेक के अनुसार कर्फ्यू या अन्य कड़े कदम उठाने के लिए अधिकृत कर दिया था। हालांकि, उन्हें यह सुनिश्चित करने को कहा गया था कि इस दौरान उद्योग, मालढुलाई, निर्माण कार्य आदि निर्बध रूप से चल रहे थे। मुख्यमंत्री की शीर्ष में हुई राज्यसभा की बैठक में भी अधिकारियों को कफ़्यू का कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के बाद कृषि मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने बताया कि प्रदेश में 18 से 45 वर्ष की आयुवर्ग के लोगों को को विभाजित का टीका निशुल्क लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आयुवर्ग की आबादी लगभग 50 लाख है, जिस पर आने वाला लगभग 450 करोड रू का व्यय सरकार करेगी।
18 से 45 वर्ष के लोगों का होगा टीकाकरण
उनियाल ने कहा कि 18 से 45 वर्ष की आयुवर्ग के टीकाकरण के लिए 90 प्रतिशत कोविशील्ड और 10 प्रतिशत कोविक्सीन टीके का इस्तेमाल होगा। उन्होंने बताया कि कंपनियों को टीके के लिए भुगतान किया जाएगा, जिससे टीके की उपलब्धता बनी रहेगी। श्रृंग ने रेमडेसिवीर इंजेक्शन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए शत प्रतिशत भुगतान भुगतान का निर्णय लिया। इसके अलावा, राजकीय मेडिकल कॉलेजों में काम करने वाले 419 कर्मियों को सेवाविस्तार का भी फैसला किया गया। उनियाल ने बताया कि त्यागी ने विभिन्न स्थानों में स्पष्ट न पहनने वालों पर लगाए जाने वाले जुर्माने की राशि बढाते हुए 500, 700 और 1000 रू कर दी गई है। पहले यह राशि 200, 500 और 1000 की थी।
सामने आया दो हजार से ज्यादा मामला
सोमवार को प्रदेश में कोविद -19 के 5058 नए मामले सामने आये जबकि 67 अन्य ने इस महामारी से जान गंवाई। सर्वाधिक 2034 मामले देहरादून जिले में मिले जबकि हरिद्वार में 1002, नैनीताल में 767, पौडी में 323, उधमसिंह नगर में 283, अल्मोडा में 135, चंपावत में 104 नए रोगियों में महामारी की पुष्टि हुई। ताजा मामलों को मिलाकर अब तक प्रदेश में कोरोना शरीनों की संख्या 156859 को जोड़ा गया है जबकि 112265 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। उपचाराधीन रोगी 39031 हैं और मरने वालों का आँकड़ा 2213 हो चुका है।
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