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किसान आंदोलन (फाइल फोटो)

किसान आंदोलन: 10 अप्रैल को कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे करेंगे जाम, मई में होगा संसद मार्च

by Sneha Shukla

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एजेंसी, नई दिल्ली

द्वारा प्रकाशित: देव कश्यप
अपडेटेड थू, 01 अप्रैल 2021 03:20 AM IST

किसान आंदोलन (फाइल फोटो)
– फोटो: अमर उजाला

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कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसान मई में पैदल संसद मार्च करेंगे। किसानों ने 10 अप्रैल को किसान कुंडली-मानेसर-पलवार एक्सप्रेसवे को 24 घंटे के लिए बंद करने का भी एलान किया।

संयुक्त किसान मोर्चा ने बुधवार को संगठन की आगामी दो महीने की रणनीति की जानकारी दी। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा, संयुक्त किसान मोर्चा की मंगलवार को हुई बैठक में तय हुआ कि किसान संसद मार्च तक चलेगी।

हालांकि मार्च की तारीख पर अभी भी फैसला बाकी है। मार्च में न सिर्फ किसान, बल्कि आंदोलन का समर्थन करने वाली महिलाएं, बेरोजगार युवक और श्रमिक भी हिस्सा लेंगे। यह मार्च पूरी तरह से चलने वाला होगा और विशेष ध्यान रखा जाएगा कि 26 जनवरी की घटना न दोहराई जाए।

चढूनी ने कहा, यदि संसद मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई होती है तो प्रदर्शनकारियों को नियंत्रण करने के लिए समिति का गठन करेंगे। किसानों को स्पष्ट कर दिया गया है कि संयुक्त किसान मोर्चा हर तरह की हिंसा की निंदा करता है और अगर उनके द्वारा किसी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाता है तो उन्हें इसका नुकसान चुकाना होगा।

इसके अलावा 6 मई को आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के सम्मान में कार्यक्रम किया जाएगा। साथ ही मजदूर दिवस और अंबेडकर जयंती पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसान मई में पैदल संसद मार्च करेंगे। किसानों ने 10 अप्रैल को किसान कुंडली-मानेसर-पलवार एक्सप्रेसवे को 24 घंटे के लिए बंद करने का भी एलान किया।

संयुक्त किसान मोर्चा ने बुधवार को संगठन की आगामी दो महीने की रणनीति की जानकारी दी। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा, संयुक्त किसान मोर्चा की मंगलवार को हुई बैठक में तय हुआ कि किसान संसद मार्च तक चलेगी।

हालांकि मार्च की तारीख पर अभी भी फैसला बाकी है। मार्च में न सिर्फ किसान, बल्कि आंदोलन का समर्थन करने वाली महिलाएं, बेरोजगार युवक और श्रमिक भी हिस्सा लेंगे। यह मार्च पूरी तरह से चलने वाला होगा और विशेष ध्यान रखा जाएगा कि 26 जनवरी की घटना न दोहराई जाए।

चढूनी ने कहा, अगर संसद मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई होती है तो प्रदर्शनकारियों को नियंत्रण करने के लिए समिति का गठन करेंगे। किसानों को स्पष्ट कर दिया गया है कि संयुक्त किसान मोर्चा हर तरह की हिंसा की निंदा करता है और अगर उनके द्वारा किसी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाता है तो उन्हें इसका नुकसान चुकाना होगा।

इसके अलावा 6 मई को आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के सम्मान में कार्यक्रम किया जाएगा। साथ ही मजदूर दिवस और अंबेडकर जयंती पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।



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