Home Lifestyle कोरोना का घर में इलाज करते वक्त सबसे जरूरी है Pulse Oximeter डिवाइस, जानिए कितनी है कीमत और कैसे काम करता है?
कोरोना का घर में इलाज करते वक्त सबसे जरूरी है Pulse Oximeter डिवाइस, जानिए कितनी है कीमत और कैसे काम करता है?

कोरोना का घर में इलाज करते वक्त सबसे जरूरी है Pulse Oximeter डिवाइस, जानिए कितनी है कीमत और कैसे काम करता है?

by Sneha Shukla

कोरोनावायरस भारत में बहुत तेजी से फैल रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में हालात बदतर हैं। मरीजों की बिगड़ती स्थिति की वजह से अस्पतालों के बिस्तर की कमी हो गई है। लोगों को ऑक्सीजन और दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना रोगियों को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जा रही है। कोरोना रोगियों का दिन में कम से कम 3-4 बार ऑक्सीजन लेवल चेक करना पड़ता है। ऐसे में जो लोग अपने घरों में आइसोलेशन में रह रहे हैं, उनके लिए पल्स ऑक्समीटर सबसे जरूरी है।

कोरोना के जब में इस छोटी सी डिवाइस की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। पल्स ऑक्समीटर बॉडी में ऑक्सीजन का सैचुरेशन लेवल (ऑक्सीजन संतृप्ति स्तर) को होल्डिंग का काम करता है। डॉ। होम आइसोलेशन के मरीजों को समय-समय पर ऑक्सीजन लेवल जांचने के बारे में पूछते हैं। पल्स ओसेमीटर से पता चलता है कि लाल रक्त कणिकाएं (RBCs) कितनी ऑक्सीजन को खोज कर रही हैं। इससे पता चल जाता है कि किसी व्यक्ति को अतिरिक्त ऑक्सीजन की जरूरत है या नहीं है।

पल्स ओस्मेटर कैसे काम करता है
वास्तव में पल्स ऑक्समीटर त्वचा पर हल्की छोड़ता है और ब्लड सेल्स के मूवमेंट और उनके रंग को डिटेक्ट करता है। ये ब्लड सेल्स के कलर के आधार पर ऑक्सीजन सैचुरेशन को मापता है। एक स्वस्थ्य व्यक्ति के शरीर में 96 प्रति ऑक्सीजन होना चाहिए। अगर आपका ऑक्सीजन लेवल 95 प्रति से कम हो जाता है तो ये खतरे की निशानी हो सकती है। अगर आपका ऑक्सीजन लेवल 90 या फिर 93 फीसदी से कम होता है तो मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाने की जरूरत है।

बाजार में इन दिनों आपको कई ब्रांड के पल्स ऑक्समीटर मिल जाएंगे। आप डॉ की सलाह पर किसी भी ब्रांड का पल्स ऑक्सीमीटर खरीद सकते हैं। आपको बाजार में 1 हजार से लेकर 3 हजार तक की कीमत में पल्स ऑक्समीटर मिल जाएगा।

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