Home Covid-19 कोरोना की पिछली लहर में क्या थे दिल्ली में इंतजाम? अब कैसा है केजरीवाल सरकार का हेल्थ मैनेजमेंट प्लान
कोरोना की पिछली लहर में क्या थे दिल्ली में इंतजाम? अब कैसा है केजरीवाल सरकार का हेल्थ मैनेजमेंट प्लान

कोरोना की पिछली लहर में क्या थे दिल्ली में इंतजाम? अब कैसा है केजरीवाल सरकार का हेल्थ मैनेजमेंट प्लान

by Sneha Shukla

नई दिल्ली: दिल्ली में कोरोना के नए मामलों का आंकड़ा 7 हजार के पार जा चुका है। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से गुरुवार को जारी आंकड़े के मुताबिक दिल्ली में 24 घंटे में कोरोना के 7437 नए मामले सामने आए हैं। दिल्ली में एक दिन में कोरोना के सबसे ज्यादा केस बीते साल 11 नवंबर को दर्ज किए गए थे। 11 नवंबर 2020 को दिल्ली में एक दिन में 8593 नए केस दर्ज किए गए थे जो अब तक के रिकॉर्ड केस हैं। बीते साल नवंबर से दिसंबर के महीने के बीच कोरोना का पीक देखा गया था। मौजूदा आंकड़ों को देखते हुए ये माना जा रहा है कि दिल्ली में तेजी से कोरोना फैल रहा है और हो सकता है कि ये आंकड़े पुराने रिकॉर्ड भी तोड़ दें। कोरोना के तेजी से बढ़ते आंकड़ों के साथ अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में कोरोना की दिल्ली में इस चौथी लहर के दौरान अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्थाजम भी दिल्ली सरकार के लिए चुनौती हैं।

कोरोना के पिछले पीक के दौरान अस्पतालों में बेड्स की व्यवस्था क्या थी?

• 11 नवंबर 2020 को जब सबसे ज्यादा मामले सामने आए, उस दिन दिल्ली में कोरोना मरीजों के लिए सरकारी और प्राथमिक अस्पतालों में कुल मिलाकर 16511 बेड बेड थे। इनमें से 8497 बेड पर मरीज भर्ती थे जबकि 8014 बेड खाली थे।

• 11 नवंबर 2020 को दिल्ली के कोविड कैर सेंटर्स में कुल 8217 बेड उपलब्ध थे, जिनमें से 825 बेड पर मरीज भर्ती थे और 7198 बेड खाली थे।

• कोरोना के पीक के मद्देनजर दिसंबर 2020 में कोविड बेड्स की संख्या बढ़ाकर 18 हजार से ज्यादा कर दी गई थी।

• 10 दिसंबर को दिल्ली के सभी अस्पतालों में कुल बेड्स की संख्या 18852 थी जो दिल्ली के अब तक के सबसे ज्यादा बेड कैपेसिटी थी। 10 दिसंबर को इनमें से 5193 बेड पर मरीज भर्ती थे और 13659 बेड खाली थे।

कोरोना की नई लहर में मौजूदा बेड की संख्या क्या है?

• कोरोना की इस लहर में केस बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। यह देखता है कि दिल्ली सरकार ने पहले ही अस्पतालों में सामान्य कोटि बेड और आईसीयू बेड्स की संख्या बढ़ानी शुरू कर दी है।

• 8 अप्रैल को जारी आंकड़े के मुताबिक चौथी लहर के अब तक के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। दिल्ली कोरोना एप के अनुसार 8 अप्रैल की रात 8 बजे तक को विभाजित के इलाज में लगे दिल्ली के सभी अस्पतालों में कुल बेड्स की संख्या 8999 है। इनमें से 4454 बेड पर मरीज भर्ती हैं और 4545 बेड खाली हैं।

• वेंटिलेटर युक्त आईसीयू बेड्स की संख्या 959 है, जिसमें से 651 रोगी भर्ती हैं और 308 बिस्तर खाली हैं। वहाँ बिना वेंटिलेटर वाले आईसीयू बेड्स की कुल संख्या 1663 है, जिसमें से 980 पर रोगी भर्ती हैं और 693 खाली हैं।

जब उठाया गया तो कैसा रहा?

• दिल्ली में कोरोना के बढ़ते हुए मामलों के मद्देनजर 31 मार्च को आदेश जारी कर कर दिल्ली सरकार ने दिल्ली के प्राथमिक अस्पतालों में बेड्स की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद दिल्ली के 33 बड़े प्राथमिक अस्पतालों में कुल 230 आईसीयू बेड और 842 सामान्य कोटि बेड्स की संख्या बढ़ाई गई थी।

• इसके बाद 5 अप्रैल 2021 को जारी आदेश में स्वास्थ्य विभाग ने दिल्ली सरकार के 11 अस्पतालों में 1540 सामान्य कोटि बिस्तर और 354 वेंटिलेटर युक्त आईसीयू बिस्तर बढाने को कहा। इन 11 अस्पतालों में से 6 अस्पताल ऐसे हैं, जिन्हें पहले को विभाजित मुक्त घोषित कर दिया गया था, लेकिन बढ़ते मामलों के कारण यहां कोर कोर का इलाज शुरू किया गया है।

• 5 अप्रैल 2021 को ही एक अन्य आदेश में दिल्ली के 54 बड़े प्राथमिक अस्पतालों में 2598 सामान्य बेड और 719 आईसीयू बेड बढ़ाने के आदेश दिए गए।

दिल्ली सरकार का स्वास्थ्य प्रबंधन योजना क्या है?

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बैठक की बैठक बुलाकर दिल्ली के स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली को लेकर योजना तैयार की। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के मुताबिक दिल्ली सरकार ने अगले फेज की तैयारी कर ली है। यदि केस बढ़ते हैं तो हम बिस्तर और बहुत बढ़ा देंगे। इसके तहत हमने पहले 25% बढ़ाए हैं, आगे जरूरत पड़ने के 40%, फिर 50% और फिर 60% करेंगे। अब तक 2000 से ज्यादा बेड बढ़ गए हैं और आगे ढाई हजार बेड बढ़ जाएंगे।

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