गोपालगंज: जिले के एमबी प्रमाणित मॉडल सदर अस्पताल में मंगलवार की सुबह एक बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृत्यु के बाद एरोकेट परिजनों ने जमकर बवाल किया। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात डॉ। व स्वास्थ्यकर्मियों की पिटाई कर दी। नाराज डॉक्टरों ने इमरजेंसी वार्ड और ओपीडी में ठप कर दी जिससे तीन मरीजों की इलाज के अभाव में मौत हो गई।
इमरजेंसी वार्ड से किसी तरह से जान बचानेकर बाहर निकले डॉ व कर्मियों ने इसकी सूचना सिविल सर्जन और अस्पताल उपाधीक्षक को दी। इस दौरान नगर थाने की पुलिस को घटना की सूचना दी गई, लेकिन पुलिस ने 40 मिनट के बाद पहुंची, जिससे नाराज डॉक्टरों ने इमरजेंसी वार्ड और ओपीडी में सेवाएं ठप कर दी।
सिविल सर्जन केेंजिंग के बाद शांत हुए डॉ
दोपहर बाद सिविल सर्जन डॉ। योगेंद्र महतो के समझाने के बाद डॉ शांत हुए और इलाज शुरू हो गया। डॉक्टरों ने बताया कि मंगलवार सुबह 7.35 बजे नगर थाने के सिनेमा रोड से कुछ लोग 68 वर्षीय मोतीचंद प्रसाद चौरसिया नाम के पेशेंट को लेकर आए थे। मरीज को सांस लेने में दिक्कत होने पर निजी क्लीनिक से लेकर सदर अस्पताल पहुंचे।
अस्पताल परिसर में जवानों की तैनाती होगी
मरीज के आते ही स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा एक सूई दी गई तो उनकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। सदर अस्पताल में पहुंचे एसडीओ उपेंद्र कुमार पाल, एसडीपीओ नरेश पासवान ने सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर आश्वासन दिया। अस्पताल परिसर में बैरिकेडिंग करने और सैफ जवानों की एक और कंपनी देने का आश्वासन दिया।
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