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आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में जीवन से जुड़ी कई नीतियों का वर्णन किया है। आचार्य चाणक्य को महान राजनीतिज्ञ व अर्थशास्त्री माना जाता है। चाणक्य की नीतियां लोगों को धर्म व सत्य का रास्ता दिखानेती हैं, जिन्हें अपनाकर लोग सफलता हासिल करते हैं। चाणक्य ने नीति शास्त्र में एक श्लोक के माध्यम से ऐसे 7 प्राणियों के बारे में बताया है जिनकी नींद से कभी भूलकर भी नहीं जगाना चाहिए, वरना मृत्यु तक हो सकती है। जानिए क्या कहती है आज की चाणक्य नीति-
अहिं नृपं च शार्दुलं बरित्तं बालकं तथा।
परावनं च मूर्खं च सप्त सुप्तानं बोधयेत् ।।
इस श्लोक में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि सात प्रकार के लोग अगर सो रहे हों तो उन्हें कभी जगाना नहीं चाहिए। वरना आपका जीवन संकट में फंस सकता है। चाणक्य कहते हैं कि राजा या प्रशासक को सोते समय नहीं जगाना चाहिए। अधूरी नींद में जगाने से वह गुस्सा में आपको सजा तक दे सकती है।
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चाणक्य कहते हैं कि इसी तरह से शेर या सांप को भी अधूरी नींद से नहीं जगाना चाहिए। चाणक्य का मानना है कि शेर को नींद से जगाना जानलेवा साबित हो सकता है। यही परिणाम सांप को जगाने पर भी हो सकता है। चाणक्य कहते हैं कि जीवन को संकट से बचाने के लिए शेर व सांप को कभी सोते समय नहीं जगाना चाहिए।
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चाणक्य आगे कहते हैं कि बच्चे को नींद से कभी नहीं जगाना चाहिए। क्योंकि अधूरी नींद में उठने के बाद बच्चे जिद पकड़ लेते हैं, जिससे आपके लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। चाणक्य का मानना है कि मूर्ख व्यक्ति को भी नींद से नहीं जगाना चाहिए। चाणक्य के अनुसार, हिंसक पशु को भी नींद से जगाने से बचना चाहिए। उसे जगाने पर वह गुस्सा में आकर आप पर हमला तक कर सकता है। इसी तरह से चाणक्य का मानना है कि बिच्छू जैसे डंक मारने वाले कीड़े को भी सोते से नहीं जगाना।
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