<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> जौनपुर: strong> कोरोना महामारी के दौरान त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव शिक्षकों के लिए मृत्यु बनकर आए। चुनावी प्रशिक्षण और ड्यूटी के तहत 41 शिक्षकों और दो परिचारकों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इन शिक्षकों की सूची जारी करते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ ने आक्रोश दर्ज कराया है। शिक्षक संघ ने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की मदद और मृतक आश्रितों को तत्काल नौकरी दिए जाने की मांग भी की।। & nbsp; p>
न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध strong>
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरविंद शुक्ला ने कहा है कि संगठन चुनावी ड्यूटी के बदले जान गंवाने वाले इन शिक्षकों और कर्मचारियों के पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। । गंभीर रूप से बीमार और चुनाव ड्यूटी करने में असमर्थ कई शिक्षकों ने अपनी ड्यूटी कटवाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के पास पर गुहार लगाई, लेकिन उन साहबों का दिल नहीं पसीजा। परिणाम स्वरूप हमारे इन शिक्षक साथियों को चुनावी ड्यूटी के एवज में अपने प्राण छूट गए हैं। नामेदारों के इस असंवेदनशील रवैये से शिक्षकों में खासा आक्रोश है। उन्होंने विकासखंड में मृत शिक्षकों की सूची भी जारी की है। & nbsp; p>
सुध ले सरकार strong>
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरविंद शुक्ला ने मांग की है कि सरकार चुनाव प्रशिक्षण, मतदान और मतगणना के दौरान आरक्षण के तहत जान गंवाने वाले इन शिक्षकों के पीड़ित परिवार की अवंबली सुध ले। । उन्होंने कोरोना संक्रमण काल में पंचायत चुनाव के कारण जान गंवाने वाले इन शिक्षकों के पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है। p>
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