श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर सरकार ने दावा किया है कि प्रदेश में ऑक्सीजन की कोई भी कमी नहीं है और मांग से कई गुना ज्यादा ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही है। प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में सभी जिला अस्पतालों में नए ऑक्सीजन प्लांट चालू होने के बाद किसी भी हालत से निपटने में आसानी होगी।
स्वास्थ विभाग प्रमुख सचिव अतुल ढुल्लू ने आंकड़े जारी कर प्रदेश में ऑक्सीजन की खपत और सप्लाई के बारे में कहा है कि इस समय कोरोना की दूसरी लहर के बीच प्रतिदिन 25 हजार घन मीटर ऑक्सीजन की खपत हो रही है। अस्पतालों में भर्ती रोगियों और घरों में आइसोलेशन में रहने वाले रोगी दोनों शामिल हैं। ऑक्सीजन की इस खपत में से प्रदेश में अस्पताल सप्लाई इस समय लगभग 24,500 घन मीटर ऑक्सीजन रही है और इंडस्ट्रियल सप्लाई से 30 हजार घनमीटर ऑक्सीजन सप्लाई हो रही है, जो खपत से कई गुना ज्यादा है।
जम्मू कश्मीर में इस समय 20 हजार से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मामले हैं, जिनमें से लगभग 7 हजार प्रदेश के विभिन जिलों के अस्पतालों में भर्ती हैं। आने वाले दिनों में कोरोना के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए 1 हजार लीटर प्रति मिनट वाले 30 प्लांट लगाने की तरफ कदम पिके जा रहे हैं।
8 प्लांट बनकर तैयार
कश्मीर संभाग के स्वास्थ्य विभाग के निदेशक। मुश्ताक राठ के अनुसार कोरोना की लहर शुरू होने से पहले ही बहुत सारे प्लांट पर काम शुरू कर दिया गया था और इन प्लांट में से 8 बनकर काम भी कर रहे हैं जबकि आने वाले दिनों में बाकी सभी प्लांट को शुरू करने की भी कोशिश हो रही है। हैं। श्रीनगर के एसएमएचएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पीडब्ल्यूडी ने 96 घंटे में रिकॉर्ड किया। जिसकी मदद से अस्पताल में पहले से ही काम कर रहे दो और प्लांट पर बोझ थोड़ा कम हो गया है।
श्रीनगर के डिप्टी कमिश्नर अजज असद के अनुसार अगले 48 घंटे में श्रीनगर के दो और अस्पतालों में ऐसे ही प्लांट चालू हो जाएंगे। लेकिन घर में रहने वाले मरीज जिनके लिए ऑक्सीजन की सप्लाई निजी प्लांट से आती थी, थोड़ा परेशान होते हैं। इस समय ज्यादातर सप्लाई सरकारी और निजी अस्पतालों को देने पर जोर है इसलिए सिलिंडर से ऑक्सीजन लेने वालों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड मामला सामने आया
पिछले 24 घंटों में जम्मू-कश्मीर में अब तक के सब से ज्यादा 3164 कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए थे और श्रीनगर में भी रिकॉर्ड 1144 मामले आने से चिंता बढ़ गई है। कोरोना से अब तक 2200 से ज्यादा लोगों की जान गई है लेकिन गनीमत यह है कि अभी तक प्रदेश में कहीं से भी ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी की जान नहीं गई है।
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