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तबाई के जमघट से अब मरघट भी कांपने लगे है | कोरोना का प्रकोप इतना बढ़ गया की ज्यादा श्मशान ’भी पिघलना, लगे मौत की बाढ़ से ्म शमशान’ डूबने लगे है | भयंकर स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है & nbsp; | जहां मरने से मोक्ष मिल गया था, वह मरघट अब आरक्षण मांगने लगी है | ये कोरोना काल में जीवन जंग है जो मरने के बाद भी जारी है | क्युकी अस्पताल से लेकर शमशान तक मारामारी है | & nbsp; p>
