पटना: कोरोना काल में अस्पतालों को निर्बह रूप से ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं कर पाने की वजह से पटना हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाई है। साथ ही 24 घंटे निर्बह रूप से ऑक्सीजन की सप्लाई कैसे होगी इसकी प्लानिंंग सौंपने को कहा है। इधर, कोर्ट की फटकार के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर सीएम नीतीश से पूछा कि कोरोना महामारी को आए एक साल हो गए, लेकिन अब भी स्थिति वही है। आपकी आपकी तैयारी के आंकड़े छुपाने और लोगों को ‘निपटाने’ की ही थी?
गिने-चुने वेंटिलेटर चलाने के लिए ऑपरेटर की कमी
तेजस्वी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा, “नीतीश सरकार ने उच्च न्यायालय में वही कहा है जो मैं कई सालों से कह रहा हूं कि बिहार में 57% डॉक्टर, 71% नूर, 72% स्कूल किशोरिशियन, 50% एएनएम और आज सबसे महत्वपूर्ण गिने चुने वेंटिलेटर चलाने के लिए 80% कर्मचारियों की कमी है। अब कब जियागा माननीय जी?
नीतीश सरकार ने माननीय उच्च न्यायालय में वही कहा है जो मैं कई वर्षों से कह रहा हूं कि बिहार में
57% डॉ
71% नूर
72% एमबीए तेजिशियन
50% ए.एन.एम.और आज सबसे महत्वपूर्ण गिने चुने वेंटिलेटर चलाने के लिए 80% संसाधनों की कमी है।
अब कब जियागा माननीय मुख्यमंत्री जी? JIVE।– तेजस्वी यादव (@yadavtejashwi) 29 अप्रैल, 2021
उन्होंने लिखा, “जब मैं स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों में रिक्त पड़ा लाखों पदों की करी की युवाओं को चुनावों में विश्वास दिला रहा था, तब आप बड़े अहंकार से कहते थे- ‘उसको कुछ पता है? कहां से उतने लोगों को बहाल करना करेगा। ‘ आज उसी तेवर और अहंकार से उच्च न्यायालय को जवाब देना है कि आप क्यों नहीं देते? “
एक साल हो गए को विभाजित महामारी का।
आपने जो पिछली बार सभी तैयारी कर लेने के ताल ठोककर दावे किए थे, वह तैयारी, उन संरचना, उन सामग्री, उन ब्रांडों, उन करोंमी, उन अस्पताल, उन तालमेल और उन अहंकारी आत्ममुग्ध ‘मुखिया’ कहाँ है?
आपकी आपकी तैयारी के आँकड़े छुपाने व लोगों को ‘बसाने’ की ही थी?
– तेजस्वी यादव (@yadavtejashwi) 29 अप्रैल, 2021
नेता प्रतिपक्ष ने लिखा, “एक साल हो गए को विभाजित महामारी का, आपने जो पिछली बार सभी तैयारी कर लेने के ताल ठोककर दावे किए थे वो तैयारी, वो संरचना, वो सामग्री, वो भंडार, वो कर्मी, वो अस्पताल, वो तालमेल और वो। अहंकारी आत्ममुग्ध ‘मुखिया’ कहां है? आपकी आपकी तैयारी के आंकड़े छुपाने और लोगों को ‘निपटाने’ की जरूरत थी? ”
कोरोना तेजी से पसार रहा पांव
गौरतलब है कि बिहार में कोरोना संक्रमण बड़ी तेजी से पांव पसार रहा है। कोरोना मरने वालों की संख्या डरा रही है। ऑक्सीजन और अस्पतालों में बेड की कमी की वजह से स्थिति और बदतर हो गई है। सरकार लगातार कोरोना रोगियों को राहत पहुंचाने में लगी हुई है। इसके बावजूद इलाज के अभाव के मरीज के दम तोड़ रहे हैं। हाई कोर्ट की ओर से गठित जांच टीम की जांच में ये बात सामने आई कि ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं होने की वजह से 1000 बिस्तर बेकार पड़े हैं।
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