पटना: कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर देश भर में कहर बरपा रही है। रोजाना हजारों नए मामले सामने आ रहे हैं। वहीं, सैकड़ों लोगों की मौत हो रही है। बिहार में कोरोना बड़ा तेजी से फैल रहा है। ऐसे में कोरोना के बढ़ते प्रभाव के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जो अब तक राज्य सरकार पर हमलावर थे, केंद्र सरकार पर लक्षित साधा है। उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि कोरोना संकट को एक साल बीत गया लेकिन अब तक केंद्र सरकार ने क्या काम किया है? केंद्र सरकार का कोई दायित्व नहीं है? यदि नहीं तो वह ही क्यों है?
आवश्यक दवाओं और बिस्तर की क्यूं की कमी है?
बता दें कि सोमवार को तेजस्वी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से दो ट्वीट किए। पहले ट्वीट में उन्होंने कहा, “कोरोना संकट को एक साल बीत गया पर केंद्र सरकार ने अब तक क्या ठोस कार्य किया? स्वास्थ्य इंफ़्रास्ट्रक्चर को कितनी दृढ़ता दी? पीएम केयर्स फंड का कहां सदुपयोग हुआ? आरोग्य सेतु एप ने कितना विकास हुआ? टीकाकरण की गति? कछुआ चाल क्यों है? वेंटिलेटर, ओ 2, आवश्यक दवाएं, बिस्तर और संजीदगी की कमी क्यों है? ”
कोरोना परिस्थिति को एक साल बीत गया पर केंद्र सरकार ने अब तक क्या ठोस कार्य किया है?
स्वास्थ्य इंफ़्रास्ट्रक्चर को कितनी मजबूती दी?
पीएम केयर्स फंड का कहां हुआ सदुपयोग?
आरोग्य सेतु ऐप कितना प्रभावी हुआ?
टीकाकरण की गति कछुआ चाल क्यों है?
वेंटिलेटर, O2, आवश्यक दवाएं, बिस्तर और संजीदगी की कमी क्यों है?– तेजस्वी यादव (@yadavtejashwi) 19 अप्रैल, 2021
वहीं, अपने दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा, “जब सरकार को जागना चाहिए, तब सरकार कोरोना बीमारी को ही नकार रही थी। फिर माना जाए तो नमस्ते ट्रम्प व एमपी में सरकार बना ताली-थाली बजवा, दीया-बत्तीसी रही थी।” जब मामले बढ़े तो गेंद राज्यों के पाले में फेंक दी गई। जब केंद्र सरकार का कोई दायित्व ही नहीं है तो क्या है?
जब सरकार को जागना चाहिए था तब सरकार कोरोना बीमारी को ही नकार रही थी। फिर माना तब नम ट्रम्प व एमपी में सरकार बना ताली-थाली बजवा, दीया बत्ती लग रही थी।
और जब मामले बढ़े तो गेंद राज्यों के पाले में बर्बाद दी गई। जब केंद्र सरकार का कोई दायित्व ही नहीं है तो क्या है? चुनाव के लिए?
– तेजस्वी यादव (@yadavtejashwi) 19 अप्रैल, 2021
गौरतलब है कि बिहार में कोरोनावायरस के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। रविवार की शाम स्वास्थ्य विभाग ने जो आंकड़े जारी किए हैं उसमें एक बार फिर चेतों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। बीते 24 घंटे में बिहार में कुल 1,00,604 सैंपल की जांच हुई है। इसके साथ ही अबतक कुल 2,77,667 मरीज ठीक हुए हैं। वर्तमान में राज्य में सक्रिय रोगियों की संख्या 44,700 है। वहीं बिहार में रिकवरी रेट 85.67 प्रतिशत है।
रविवार को पटना जिले में 2290 नए मरीज मिले
संक्रमण से बीते 24 घंटे में 27 लोगों की मौत हो गई है। 24 घंटे में 8690 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जो आंकड़े रविवार को जारी किए गए उन्हें पटना जिले में सबसे अधिक मरीज मिले हैं। पटना में सिर्फ रविवार को 24 घंटे में 2290 मामले सामने आए हैं। जबकि अन्य जिलों में पटना की अपेक्षा काफी कम मरीज मिले हैं। इधर, बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार की गाइडलाइन का पालन करने का भी निर्देश दिया जा रहा है।
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