<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> नोएडा: strong> एक तरफ जहां देश कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है, तो वहीं दूसरी ओर ऑक्सीजन और गंभीर रोगियों के लिए उपयोगी रेमडेसिवीर की काली बाज़ारी बढ़ गयी है। जिस कारण कई रोगी दम तोड़ रहे हैं। नोएडा के थाना सेक्टर 20 पुलिस ने एक ऐसे ही व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो नोएडा में धड़ल्ले से रेमदेसीवीर की काली बाज़ारी कर रहा था। पुलिस ने इसके कब्जे से सैकड़ों रेमडेसिवर की 105 & nbsp; वायल्स और 1,54,000 रुपये बरामद किए हैं। p>
पंजाब से लाकर नोएडा में करता था कालाबाजारी strong> p>
पुलिस के गिरफ्त में आए ये शख्स देश की कई मौतों का सौदागर है। वास्तव में ये शख्स कोरोना के इमरजेंसी मरीजों के लिए उपयोगी रेमडेसिववीर इंजेक्शन का काला बाज़ारी करता था, जिसे नोएडा थाना सेक्टर 20 पुलिस ने देर रात गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त रचित घई मूल रूप से पीतमपुरा दिल्ली का निवासी वर्तमान में नोएडा में रहता था। रचित बीते मार्च से ही दिल्ली और पंजाब से रेमदेसिविर लाकर नोएडा में काले बाज़ारी कर रहे थे। कोरोना के सीरियस रोगियों को ये रेमडेसिवेर 15 हज़ार से लेकर 40 हज़ार में कॉलिंग थी। देश में कोरोना की दूसरी वेव के बाद से ही लगातार रेमडेसिवीर की मांग बढ़ी है। & nbsp; p>
105 इंजेक्शन वायल्स बरामद strong> p>
नोएडा क्राइम ब्रांच, नोएडा पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर लगातार नोएडा में रेमडेसिवर की काली बाज़ारी को रोकने के प्रयास में जुटी थी। इसी कड़ी में बीती देर रात पुलिस ने रचित को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इंजेक्शन के स्रोत के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस को इसके पास से 105 रेमडेसिवर इंजेक्शन के वायल्स, 1,54,000 रुपये कैश, और एक सेंट्रो कार बरामद हुई है। p>
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