<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> नोएडा: strong> उत्तर प्रदेश में कोरोना का कहर जारी है। लोगों को अस्पताल जाने के लिए एम्बुलेंस तक नहीं मिल पा रही है। लोग मरीजों को ठेले, ऑटो और साइकिल से अस्पताल ले जाने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं जिन लोगों के पास अपनी निजी कार है, वही वही से अपने मरीज को अस्पताल ले जा रहे हैं। लेकिन, इस आपदा के दौरान नोएडा की एक संस्था लोगों के लिए संजीवनी का कार्य कर रही है। मरीजों को अस्पताल पहुंचचाने के लिए इस संस्था ने 318 एम्बुलेंस लगा रखी हैं। मरीजों को ऑक्सीजन की समस्या ना हो इसके लिए 1000 मिनी सिलेंडर भी खरीदे हैं। इतना ही नहीं इमरजेंसी कॉल पर खुद संस्था के चेयरमैन एम्बुलेंस चलाकर मरीज को अस्पताल पहुंचाते हैं। & nbsp; p>
सैकड़ों मरीजों की जान बचाई जा रही है strong>
कोरोना महामारी ने लोगों की कमर तोड़ दी है। इस समय अस्पतालों में ना बेड हैं और ना ही ऑक्सीजन। मरीजों को एम्बुलेंस सेवा भी नहीं मिल रही है। यदि कोई एएरेन्स के बारे में रोगी को अस्पताल पहुंचा देता है तो वह उस मरीज के परिवार के लिए किसी मसीहा से कम नहीं है। ऐसे कठिन समय पर रोज सैकड़ों मरीजों की जान बचाने हो रही है नोएडा की एक संस्था सेवा संभावना सेवा संस्थान ’इस संस्थान के हेल्पलाइन नंबर 9540040099 पर फोन कर मुफ्त एम्बुलेंस सेवा प्राप्त की जा सकती है। p>
हजारों लोगों को उपलब्ध कराई गई सेवा है strong>
संस्था के चेयरमैन अनिल सिंह से एबीपी गंगा से विशेष बातचीत के दौरान बताया कि उनके 318 एम्बुलेंस कोरोना काल में मरीजों को अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। अगर किसी मरीज की मौत हो जाती है और उसे अंतिम संस्कार के लिए एम्बुलेंस नहीं मिलती है तो वहां पर भी एम्बुलेंस भेजकर अंतिम संस्कार कराया जा रहा है। साथ ही अगर किसी तीमारदार को शव के बारे में अन्य जिले में जाना होता है तो उसके लिए भी एम्बुलेंस भेजी जा रही है। संस्था ने कोरोना काल में अब तक हजारों लोगों को एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई है। p>
खरीदे हैं 1000 मिनी सिलेंडर strong>
बातचीत के दौरान अनिल सिंह ने बताया कि उन्होंने मरीजों को समय पर ऑक्सीजन मिले इसके लिए 1000 मिनी सिलेंडर भी खरीदे हैं। लेकिन, दुख की बात ये है कि इस आपदा में भी लोग मोटा मुनाफा कमाने की फिराक में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में मिनी ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिला है। अनिल सिंह ने बताया कि संस्था को कोरोना महामारी के दौर में भी एमआरपी से डेढ़ सौ रुपये प्रति सिलेंडर निकासी मिला है। p>
15 एम्बुलेंस से शुरू किया गया था यात्रा & nbsp; strong>
बता दें कि, ‘संभावना सेवा संस्थान ’2010 से लोगों को एम्बुलेंस सेवा मुहैया करा रहा है। इस संस्थान ने 2010 में 15 एम्बुलेंस से अपना सफर शुरू किया था। आज 318 एम्बुलेंस के माध्यम से उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि कई राज्यों में आम जनता को एम्बुलेंस मुहैया कराकर उनकी सेवा की जा रही है। & nbsp; p>
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