पटना: बिहार के किशनगंज जिले के टाउन थाने के एसएचओ की बीती रात पश्चिम बंगाल में पीट-पीट हत्या कर दी गयी। बता दें कि किशनगंज टाउन थाने के एसएचओ अश्विनी कुमार अपनी टीम के साथ बंगाल सीमा के पास बाइक चुराने वाले गैंग के एक ठिकाने पर उन्हें दबोचने के लिए पहुंचने थे।
घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे अधिकारी
इसी दौरान अपराधियों ने पहले उन्हें झूठा करार दिया। फिर उन पर हमला कर उनकी हत्या कर दी। इधर, घटना की सूचना पाकर आईजी सहित कई बड़े पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मृतक एसएचओ अश्विनी के शव को पोस्टमार्टम के लिए इस्लामपुर अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम के दौरान किशनगंज एसपी, इस्लामपुर एसपी, किशनगंज एसडीपीओ सहित आला अधिकारी मौके पर मौजूद थे।
इजी ने कही ये बात
घटना के संबंध में मौके पर पहुंचे आईजी सुरेश प्रसाद ने बताया थाना अध्यक्ष की छापेमारी के दौरान मौत हुई है। पूरी जानकारी मिलने के बाद बात की जाएगी। वर्तमान में एसपी हमारा सहयोग कर रहे हैं, जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी होगी। इधर, पश्चिम बंगाल में हुई घटना की बिहार पुलिस एसोसिएशन ने कड़े शब्दों में निंदा की है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सरकार और क़ानून नाम का कुछ भी नहीं है।
डब्ल्यूबी: बिहार के किशनगंज पुलिस स्टेशन के एसएचओ, अश्विनी कुमार ने उत्तर दिनाजपुर के गोलपोखर थाना क्षेत्र के एक गांव में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी। आईजी पूर्णिया रेंज कहते हैं, “वह एक बाइक चोरी के सिलसिले में छापेमारी के लिए आए थे। हमारे साथ इस्लामपुर के एसपी। हम छापेमारी करेंगे और गिरफ्तारी करेंगे।” pic.twitter.com/lwUEodPDWr
– एएनआई (@ANI) 10 अप्रैल, 2021
उन्होंने कहा कि बिहार के किशनगंज के टाउन थाना अध्यक्ष अश्वनी कुमार रात क़रीब दो बजे अपने शहर से सटे पश्चिम बंगाल के रजिस्टपाड़ा थानाक्षेत्र के पनतपारा गांव में छापामारी करने गए थे। इस बाबत वे बंगाल के लोकल थाना भी गए थे। लोकल थाना प्रभारी ने कहा कि ओडी ऑफीसर आपके साथ करेंगे। लेकिन ओडी ऑफीसर ने कहा कि आप बढ़िए हम आते हैं।
पीड़ित परिवार को मुआवजा दे सरकार
इधर, गांव में पहुंचते ही ग्रामीणों ने अचानक पुलिस टीम पर हमला कर दिया और उसशनगंज थानेदार की लाठी-डंडे और पत्थर से पीट-पीके कर हत्या कर दी। घटना के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की, कि मृतक इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार के परिवार को भारत सरकर के गृह विभाग और बिहार सरकार की ओर से एक-एक करोड़ की आर्थिक सहायता मिली। उन्होंने कहा, “बंगाल में कानून कैद हैं। बंगाल में पुलिस वर्दी का कोई वादी नहीं है। भारत सरकर का गृह मंत्रालय मामले में संज्ञान लेकर उचित करवाई करे।”
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