छ्त्तीसगढ़ के बस्तर से ऐसी एक खबर आ रही है जो पूरे बस्तर में तबाही ला सकती है। बस्तर नक्सल प्रभावितका है और यहां ग्रामीण क्षेत्र में लोग ज्यादा संवेदनशील नहीं हैं। हालांकि कई तस्वीर बस्तर से ऐसे भी सामने आई हैं जिमसेंड गांव के लोगो ने खुद ही गांव में लॉकडाउन लगा दिया है। लेकिन अगर समग्रता में देखें तो हालात चिंताजनक हो सकते हैं। अब उस खबर के बारे में भी जान लें जिसको लेकर इतनी बात कही गई है।
दरअसल दंतेवाड़ा जिले के एस.पी. जबकि 10 नक्सलियों की कोरोना से मौत भी हो चुकी है। अगर ऐसा है तो बस्तर के वातावरण इलाले में जहां स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच नहीं है वहां बड़ी आपदा आ सकती है क्योंकि नक्सली अभी भी गांव में ग्रामीणों के साथ बैठक कर रहे हैं।
दंतेवाड़ा एसपी ने क्या कहा
दंतेवाड़ा एसपी डॉ। अभिषेक पल्लव ने ये दावा किया है कि, लगभग 200 नक्सली कोरोना शक्ति हैं। इसके अलावा 8-10 शव नक्सलियों के जलाए गए हैं। जो कोरोना सेर्ट हो सकते हैं। पल्लव ने बताया कि लगभग 15 दिन पहले लगभग 500 की संख्या में नक्सली बस्तर के जंगलों में इकट्ठा हुए थे। एक्सपायरी दवा खाने से खाद्य पॉइजनिंग और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने की वजह से बड़ी संख्या में नक्सली कोरोना ताकतें हैं। नक्सली इस बात को छिपा रहे हैं।
ऐसे में बस्तर के आदिवासी इलाकों में उनकी सभाओं से कोरोना की बड़ी आपदा इस इलाके में आ सकती है। नक्सलियों केन्दर और बड़े स्तर के नक्सली या तो कोरोना से चेताते हैं या मर चुके हैं। हालांकि अभी नक्सलियों का इस मामले में कोई पचा या राष्ट्रपति रिहाई सामने नहीं आया है।
नक्सली दवाइयों की तलाश कर रहे हैं, अगर सरेंडर करेंगे तो पुलिस कराएगी इलाज
दंतेवाड़ा जिले के एसपी अभिषेक पल्लव का कहना है कि नक्सली अभी दवाई ढूढ़ने में लगे हुए हैं। जिसकी सूचना पुलिस के पास है। अगर नक्सली पुलिस के सामने सरेंडर करते हैं तो पुलिस उनका इलाज कर रही है। पुलिस ये भी कह रही है कि नक्सली अभी इस पूरे मामले में कुछ भी नहीं कह रही हैं। जब इसकी सूचना बाहर आएगी तब इसकी जानकारी मिलेगी की नक्सलियों का कितना बड़ा नुकसान हुआ है।
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