पूर्णिया: सोमवार की रात पूर्णिया शहर के एक प्राथमिक अस्पताल में कोरोना पीड़ित मरीज को भर्ती कराया गया जिसकी मंगलवार की सुबह मौत हो गई। मरीज की हुई मौत के बाद उसके बेटे ने एक वीडियो बनाकर स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। वीडियो में उन्होंने बताया कि किस तरह की व्यवस्था की कमी की वजह से उसके पिता की जान चली गई।
उन्होंने कहा कि वह ऑक्सीजन के लिए इधर-उधर भटकता जा रहा है लेकिन कहीं से मदद नहीं मिली है। विधायक व सांसद से भी भीख मांगी। वेंटीलेटर के अभाव में उसके पिता ने दम तोड़ दिया। उसके बेटे राज ने वीडियो में अपने पिता के शव को दिखाते हुए पूर्णिया के लोगों को चेतवानी दी कि जो भी करना है खुद से करेंगे। सिस्टम के भरोसेमंद रहने से सब खत्म हो जाएगा। यहाँ व्यवस्था के नाम पर कुछ भी नहीं है।
रेमडेसिवर के लिए देना एक इंजेक्शन के लिए 35 हजार था
राज ने बताया कि उसके पिता को छह डोज रेमडेसिवर इंजेक्शन की जरूरत थी। सिविल सर्जन से गुहार लगाने पर एक इंजेक्शन मिला। बाकि के इंजेक्शन के लिए 35 हजार रुपये के पास से देना पड़ा। उसने भावुक होकर कहा कि उसके पिता जन अधिकार के साथ रहते थे। जरूरत पड़ने पर कोई मोर्चा नहीं आया।
राज के भावुक होकर कहा कि चुनाव में जिस वादे के साथ जनप्रतिनिधि आते हैं उससे सच मान लेना गलती होगी। चुनाव में जब वोट लेने के लिए ये लोग आते हैं तो आपदा में सामने क्यों नहीं आते हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी लचर है कि कोई भी इस आपदा को अवसर बना कर लोगों को ठग रहा है। निजी अस्पताल वाले बिना किसी व्यवस्था के कोरोना मरीज को लेकर, लाखों का बिल बना रहे हैं और फिर ऐसे ही तड़पता छोड़ देते हैं।
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