Home States बिहारः सहरसा के सदर अस्पताल में डॉक्टर की जगह पहुंच रहे तांत्रिक, ‘इलाज’ के नाम पर झाड़-फूंक
बिहारः सहरसा के सदर अस्पताल में डॉक्टर की जगह पहुंच रहे तांत्रिक, ‘इलाज’ के नाम पर झाड़-फूंक

बिहारः सहरसा के सदर अस्पताल में डॉक्टर की जगह पहुंच रहे तांत्रिक, ‘इलाज’ के नाम पर झाड़-फूंक

by Sneha Shukla

<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> सहरसा: आजादी के वर्षों बाद आज भी लोग इलाज के लिए डॉक्टरों की जगह ओझा और तांत्रिक का सहारा ले रहे हैं। मामला सहरसा जिले का है जहां सांप काटने के बाद नरियार गांव के 30 वर्षीय युवक रंजीत यादव को सदर अस्पताल लाया गया था। जब यहां स्थित बिगड़ने लगी तो परिजनों ने मैना माहपुरा से एक महिला तांत्रिक को बुलायाकर झाड़-फूंक प्रदान करने लगे।

इधर, अस्पताल में पहुंचने के बाद महिला तांत्रिक ने अपना काम शुरू कर दिया। कभी कुछ मंत्र पढ़ने लगे तो कभी नीम के पत्ते से युवक को झाड़ना शुरू हो गया। घंटों यह तमाशा सदर अस्पताल परिसर में चलता रहा और अस्पताल प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। इस दौरान यह सबकुछ देखने के लिए वहां लोगों की भीड़ जुट गई।

परिजनों ने इलाज के बुलाया था महिला तांत्रिक

इस संबंध में युवक को लेकर आई महिला ने कहा कि सांप काटने के बाद ये लोग सदर अस्पताल में आए थे। युवक की हालत खराब थी। इसके बाद हमलोगों ने ही बुलाया था। झाड़-फूंक के बाद रोगी में कुछ असर दिखा रहा है। इधर, महिला तांत्रिक ने कहा कि वह माहपुरा से आई है और मंदिर में रहती है। उन्होंने कहा कि परिजनों ने इस काम के लिए बुलाया था। इसके बाद वह सदर अस्पताल आई।

इधर, इस मामले में जब सदर अस्पताल के प्रबंधक अमित कुमार चंचल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। इसके बारे में जानकारी ली जाएगी। इसके बाद जो भी कार्रवाई होगी वह होगी। कुछ लोगों ने कहा कि अक्सर ऐसा दृश्य सदर अस्पताल में दिखता है।

नोट: एबीपी बिहार एंड ट्रस्ट को बढ़ावा नहीं देता है। ऐसे मामलों में सीधे डॉक्टर से संपर्क कर इलाज करें।

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