गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि प्रभाग के सभी जिलों में एल -2 और एल -3 अस्पतालों में पर्याप्त बेड की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही वहाँ मैन पावर की व्यवस्था के साथ ही कर्मियों का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से किया जाएगा। एल -2 और एल -3 में बेड की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि अस्पतालों में उपलब्ध 108 एम्बुलेंस की संख्या से आधी को को विभाजित के लिए लागू किया जाएगा। उनका प्रयोग अन्य में नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोविड से बचाव के लिए सतर्कता और सावधानी बेहद जरूरी है।
टेस्टिंग रेट्रो निर्धारित किया जाना
मुख्यमंत्री ने बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में को विभाजित -19 पर नियंत्रण के लिए किए जा रहे उपायों की मंडलीय समीक्षा बैठक करते हुए ये निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों में एंटीजन और आरटीपीसीआर की जांच निशुल्क होती है। यदि कही भी कोई शिकायत नहीं मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने ये भी कहा कि प्राथमिक अस्पतालों में टेस्टिंग रेट निर्धारित किया जाए। निर्धारित टैग से अधिक किसी प्राथमिक अस्पताल में धनराशि ली जाती है, तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ प्रभावी और प्रकरण कार्रवाई की जाएगी।
बाहर से आने वालों की टेस्टिंग जरूर हो
महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली, मध्य प्रदेश, केरल, कर्नाटक सहित कई द्वीपों में कोरोना संक्रमण की स्थिति बहुत अधिक है। वहाँ से आने वाले लोगों की रेलवे स्टेशन, टर्मिनल पर को विभाजित टेस्टिंग अवश्य किया जाएगा। इसके अतिरिक्त हर ग्राम पंचायत, वार्डों, नगर निकायों में निगरानी समितियों का गठन उसे क्रियाशील किया जाएगा और वे इन्टीग्रेटेडैंड एंड कन्ट्रोल सिस्टम से जुड़े होने चाहिए। निगरानी समितियों से सतत संवाद स्थापित हो और इन्टीग्रेटेडैंड एंड कन्ट्रोल सिस्टम में स्वास्थ्य और प्रशासन का वरिष्ठ अधिकारी भी तैनात हो।
कान्ट्रेक्ट ट्रेसिंग बढ़ाई जाए
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कान्ट्रेक्ट ट्रेसिंग बढ़ाई जाए और ये कम से कम 30 होनी चाहिए। उनका शत-प्रतिशत को विभाजित किया जाना चाहिए। आरटीपीसीआर टैस्टिंग प्रतिशत बढाया जाए। सभी जिलों में डेलीकेटेड हा और होने चाहिए। कोविद हा ही में सीसीटीवी कैमरा ज़रूर हो। जिससे गतिविधियों और व्यवस्थाओं की निगरानी संभव हो सके। मुखौटा की अनिर्वायता सुनिश्चित हो और सार्वजनिक स्थान पर भीड़ न हो।
इन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई कार्यक्रम या आयोजन खुले मैदान में आयोजित किया जाता है, तो वहां 200 और बन्द कमरे में 100 से अधिक की सार्वजनिक दूरी को न हो। सभी को फ़ंक्शन होल्ड करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी नहीं होनी चाहिए। इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो। स्वच्छता और सेनेटाइजर का विशेष ध्यान दिया जाए। व्यापक पैमाने पर स्वच्छता कार्यक्रम चलाने के साथ ही उसकी समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किस गांव में एक को भी विभाजित मामला मिला है। जिस जिले में 500 से ज्यादा कोरोना के सक्रिय मामले हों वहां नाइट कर्फ्यू लगाया जाएगा। शादी-विवाह के कार्यक्रम को रात्रि 10 बजे तक सीमित किया जाना चाहिए।
11 से 14 अप्रैल तक विशेष समारोह मनाया जाएगा
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि 11 से 14 अप्रैल तक विशेष समारोह मनाया जाएगा। इसकी समुचित व्यवस्था के साथ ही ये सुनिश्चित हो कि ज्यादा भीड न होने पाए। उन्होंने कहा कि वैक्सीन वेस्टेज हर हाल में रोका जाए और अधिक से अधिक लोंगो का वैक्सीनेशन किया जाए। हर सरकारी और प्राथमिक संस्थानों, औद्योगिक संस्थानों में विभाजित हेल्प डेस्क अवश्य बनाए जाएंगे और वहां सेनेटाइजर, आक्सीमीटर उपलब्ध रखे जाएंगे।
अधिकारी और निर्वहन करें
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की रोकथाम के लिए जेई और एईएस के नियंत्रण के लिए भी तैयारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। सभी ईओआर को सत्यापन किया जाएगा। इंसेफ्लाइटिस के नियंत्रण के लिए गठित अंतरविभागीय समन्वय समिति के विभागीय अधिकारी अपने-अपने स्वास्थ्य को समयबद्ध निर्वहन करते हैं। स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। क्योंकि, धुंध ही इन बीमारियों की जननी है। जेई का टीकाकरण हो गया है।
एम्बुलेंस की पर्याप्त उपलब्धता है
इस अवसर पर मंडलायुक्त जयंत नार्लियर ने कोविद -19 के नियंत्रण को लेकर किए जा रहे प्रयासों और उपायों का प्रस्तुतिकरण जिलेवार करते हुए बताया कि प्रभाग में आरआरटी एक्टिव की गयी है। कन्टेनमेंट एक्ट में पर गुणात्मक कार्रवाई की जा रही है। निगरानी समितिया भी क्रियाशील हैं। कोविभाजन का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। कोविड हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। मंडल में एम्बुलेंस की पर्याप्त उपलब्धता है।
को लाभांश वैक्सीनेशन प्रगति पर है
जिलाधिकारी गोरखपुर के विजयेन्द्र पाण्डियन ने को विभाजित -19 के नियंत्रण को लेकर किए जा रहे उपायों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इन्टीग्रेटेड एंड एंड कन्ट्रोल रूम में 150 कर्मचारी तैनात हैं, जो तीन शिफ्ट में कार्य कर रहे हैं। को लाभांश वैक्सीनेशन प्रगति पर है। बचाव संबंधी कार्रवाई की जा रही है। इस अवसर पर सदर सांसद रवि किशन शुक्ल, विधायक शीतल पाण्डेय, विपिन सिंह, संज्ञा प्रसाद, संगीता यादव, डाॅ। विमलेश पासवान के अतिरिक्त वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एड हेल्थ, प्राचार्य बीआरडी मेडिकल कॉलेज मंडल के सभी सीएमओ उपस्थित रहे।
नाइट कफ़्यू लगाने के निर्देश
गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह ने बताया कि बैठक में कोविद -19 के बढ़ते मामलों के बारे में अधिकारियों को कड़ी निंदा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जिलाधिकारी को रात के 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें बताया कि रात 10 बजे के पहले सभी आयोजनों को करने के साथ भीड़ की संख्याल को भी सीमित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उन्हें उन्होंने बताया कि कोविद -19 के नियंत्रण के लिए शिकंती के साथ इन नियमों का पालन करने को कहा गया है।
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