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रूस के विदेश मंत्री के इस्लामाबाद दौरे में पाकिस्तान से नजदीकी ने बढ़ाई भारत की चिंता

रूस के विदेश मंत्री के इस्लामाबाद दौरे में पाकिस्तान से नजदीकी ने बढ़ाई भारत की चिंता

by Sneha Shukla

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भारत के फौरन बाद रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव पाकिस्तान पहुंचे तो इस दौरे पर भारतीय निगाहें भी जारी रहीं। वहीं इस्लामाबाद में रूसी विदेश मंत्री और उनके पाकिस्तानी समकक्ष के बीच हुई बातचीत में भारत के लिए काफी गौरव के सबब भी दिए गए हैं। रूस ने जहां आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के लिए पाकिस्तान की हौसला अफजाई से लेकर उसे विशेष सैनिक सजो-समान देने का भरोसा दिया, वहीं पाकिस्तानी फौज के साथ साझा युद्धाभ्यास बढ़ाने का भी ऐलान किया। इतना ही नहीं रूस ने पाक के साथ परमाणु सहयोग का दरवाजा भी खोल दिया।

इस्लामाबाद में रूस और पाकिस्तान दोनों की तरफ से रिश्तों में नई गर्मजोशी दिखाने की कवायद साफ नजर आई। हवाई अड्डे पर लावरोव के स्वागत के लिए पाकिस्तानी विदेश मंत्री की मौजूदगी से लेकर बातचीत के दौरान रूस से अपने संबंध सुधारने के ललक की नुमाइश तक, इसे नई और खास शुरुआत दिखाने की कवायद नज़र आई।

पाकिस्तानी की ओर से मेज़बर्न में गर्मजोशी की नुमाइश दिखाई गई तो वहीं रूस ने रिश्तों की करवट का संदेश साफ किया। ऐसे में बुधवार को द्विपक्षीय वार्ता के बाद मीडिया के आगे रु-ब-रु पाक और रूस के विदेशियों ने इस नई दोस्ती को दिखाने का प्रयास किया।

रूसी विदेश मंत्री ने तीन साल पहले शंघाई सहयोग संगठन में पाकिस्तान के शामिल होने के बाद आतंकवाद निरोधक कार्रवाई में सक्रियता को लेकर उसकी तारीफ की थी। बहुत ही नहीं रूस ने पाकिस्तान के साथ आतंकवाद निरोधी सहयोग बढ़ाने के लिए विशेष सैन्य उपकरण देने की घोषणा की। साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों और समंदर में पाकिस्तान के साथ सैन्य अभ्यास में रूसी विचारों का भी लावरोव ने इज़हार किया। रूस पाकिस्तान के साथ फ्रेंडशिप और अरेबियन मानसून नामक अभ्यास करना चाहता है।

जाहिर है रूस और पाकिस्तान के बीच सैनिक स्तर पर बढ़ती नज़दीकी भारत के लिए चिंता के कारण बढ़ाती है। रूस ने बीते 5 वर्षों के दौरान जहां पाकिस्तान को Mi-35M युद्धक हैलीकॉप्टर दिए हैं उसके साथ सैन्य अभ्यास का सिलसिला भी बढ़ाया है। इस दौरान दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय सैन्य नेताओं के दौरे भी बढ़े हैं।

ध्यान रहे कि रूसी पारंपरिक तौर पर भारत का सैन्य साझेदार रहा है। भारतीय रक्षा सेनाओं के पास अब भी ज्यादातर हथियार रूसी हैं। साथ ही नाभिकीय पनडुब्बी जैसी संवेदनशील तकनीक पर रूस जहां भारत का करीबी सहयोगी रहा है तो वहीं पाकिस्तान के साथ रिश्तों में सुरक्षित दूरी बरतता आया है। लावरोव और भारतीय विदेश मंत्री के बीच 6 अप्रैल को हुई द्विपक्षीय वार्ता में भी भारत ने पाकिस्तान को दिए जाने वाले सैलून को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है।

हालांकि, सूत्रों के मुताबिक रूस की तरफ से इतना ही कहा गया है कि भारत की गतिविधियों से वे वाकिफ और पाकिस्तान के साथ उसका सहयोग मुख्यतः आतंकवाद निरोधात्मक कार्रवाई तक सीमित है। वार्ता प्रक्रिया से वाकिफ स्रोतों के मुताबिक रूसी खेमा यह बताने में जुट गया था कि भारत के साथ उसके पुराने और गहरे रिश्तों का स्थान नहीं लिया जा सकता था।

हालांकि बुधवार को हुई बातचीत के बाद आयोजित साझा प्रेस कांफ्रेंस में लावरोव ने इस्लामाबाद से कहा कि रूस नए क्षेत्र के तौर पर परमाणु ऊर्जा के मोर्चे पर भी पाक से सहयोग करना चाहता है। लावरोव के अनुसार रूस की सरकारी कंपनी रोसेटम पाकिस्तानी परमाणु ऊर्जा आयोग के साथ गैर ऊर्जा नाभिकीय मैडिसन सहित नए क्षेत्रों में काम में ध्यान रखता है।

ऊर्जा जरूरतें पूरी करने के लिए कराहती पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था की मदद के लिए रूस ने लाहौर और कराची के बीच गैस पाइपलाइन बनाने का वादा किया। रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि यह बाबत 2015 में सहमति हो चुकी है। इसके लिए ज़रूरी प्रोटोकॉल पर डायरीखत में ही रूसी नार्थ-साउथ कनेक्टिविटी वाली इस पाइपलाइन का निर्माण शुरू कर देगा।

वहीं रूस के साथ पींगे बढाने की जुगत में पाकिस्तान ने रूसी स्पुतनिक कोरोना वैक्सीन को पहले ही अपने देश में इस्तेमाल की इजाजत दे दी। विदेशी महंगे होने के बावजूद पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने स्पुतनिक टीके की तारीफों के काफी कसीदे पढ़े। इतना ही नहीं पाकिस्तान ने जहां 50 लाख स्पुतनिक डोज़ खरीदने का ऐलान किया तो साथ ही इसके साझा उत्पादन का भी प्रस्ताव मॉस्को को दे दिया।

गौरतलब है कि भारत में अभी स्पुतनिक टीके को इस्तेमाल किया जाता है की इजाजत दिए जाने की प्रक्रिया जारी है। वहीं रूस ने स्पुतनिक के व्यापक उत्पादन के लिए भारतीय कंपनी पेनेंशिया से लगभग 20 करोड़ डोज़ प्रतिवर्ष के उत्पादन का करार किया है। रूस की कोशिश भारतीय वैक्सीन उत्पादन क्षमताओं के सहारे स्पूतनिक को वैश्विक बाजार तक अधिक प्रवाह से पहुंचाने की है।

ये भी पढ़ें: भारत से बातचीत को बेचैन हैं पाकिस्तानी आर्मी चीफ, जल्द ही हो सकती है पीएम मोदी-इमरान की मुलाकात: रिपोर्ट



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