नई दिल्ली: भारतीयों-चीन के बीच 11 वीं वंडर लेवल की बैठक शनिवार (09 अप्रैल) को एलएसी पर पूर्वी लद्दाख के चुशूल बीपीएम-हट में हुई। पूर्वी लद्दाख में LAC पर डिसिंगेजमेंट से संबंधित शेष बचे मुद्दों के समाधान के लिए दोनों पक्षों ने विस्तृत विचार-विमर्श किया।
रक्षा मंत्रालय ने इस बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि दोनों संयुक्त रूप से जमीन पर स्थिरता बनाए रखने, किसी भी नई घटनाओं से बचने और संयुक्त रूप से सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए सहमति हुई।
भारत-चीन कोर कमांडर स्तर की 11 वीं बैठक 09 अप्रैल को चुशुल-मोल्दो सीमा बैठक स्थल पर आयोजित की गई थी। पूर्वी लद्दाख में LAC के साथ विघटन से संबंधित शेष मुद्दों के समाधान के लिए दोनों पक्षों ने विस्तृत विचार-विमर्श किया था: रक्षा मंत्रालय
– एएनआई (@ANI) 10 अप्रैल, 2021
रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘दोनों पक्षों ने मौजूदा सहमति और प्रोटोकॉल के अनुसार एक त्वरित तरीके से उत्कृष्ट मुद्दों को हल करने की जरूरत पर सहमति व्यक्त की। यह रेखांकित किया गया कि अन्य क्षेत्रों में डिसिंगेजमेंट का पूरा होना दोनों पक्षों के जरिए डि-एस्केशन ऑफ फोर्सेज पर विचार करने का मार्ग प्रशस्त करेगा। साथ ही शांति और द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति सुनिश्चित होगी। ‘
बता दें कि नौवें दौरे की बैठक के बाद दोनों देशों ने पैंगोंग त्सो लेक से सटे इलाकों से डिसिंगेजमेंट लिया है। लेकिन अभी भी कुछ विवादित क्षेत्रों में डिसिंगेजमेंट के साथ साथ पूरी तरह से डि-एस्कलेशन होना बाकी है)। भारत और चीन के बीच पिछले साल पांच मई को सीमा पर गतिरोध शुरू हुआ था। पैंगोंग झील वाले क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद दोनों पक्षों ने भारी हथियारों के साथ सीमा पर हजारों सैनिक तैनात किए थे।
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