कोरोना परिस्थिति के बीच हरिद्वार में आज कुंभ का दूसरा शाही स्नान है। शाही स्नान को लेकर पुलिस प्रशासन से लेकर अखाड़ों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली है। लेकिन शाही स्नान से पहले हरकी पैड़ी पर भीड़ उमड़ पड़ी है। आम लोग शाही स्नान से पहले गंगा जी में डुबकी लगाने पहुंचे। इस दौरान को विभाजित नियम तार-तार हो गए हैं और सभी ओर श्रद्धालुओं की भीड़ हो रही है।
कुंभ मेला आईजी संजय देनयन ने बताया कि हम लोगों से लगातार को विभाजित नियमों के पालन का अनुरोध कर रहे हैं लेकिन भारी भीड़ के कारण यह व्यावहारिक रूप से असंभव है। आईजी का कहना है कि भारी भीड़ को देखते हुए यहां घाट पर सामाजिक दूरी जैसे नियम का पालन करते पाना नामुमकिन है। अगर हमने ऐसा करने की कोशिश की तो भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है इसलिए हम ऐसा नहीं कर रहे हैं।
हम लोगों से लगातार COVID के उचित व्यवहार का पालन करने की अपील कर रहे हैं। लेकिन भारी भीड़ के कारण, आज चालान जारी करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। घाटों पर सामाजिक भेद सुनिश्चित करना बहुत मुश्किल है: कुंभ मेला आईजी संजय गुंज्याल (1/2) pic.twitter.com/pkr7uuling
– एएनआई (@ANI) 12 अप्रैल, 2021
आईजी संजय धोयनने ने बताया कि सुबह 7 बजे तक आम लोगों के लिए स्नान करने दिया जाएगा इसके बाद यह स्थान अखाड़ों के लिए आरक्षित रहेगा। हम परिस्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आपको बता दें कि सोमवती अमावस्या के शाही स्नान पर कुंभ मेला पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हरकी पैड़ी पर स्नान करने के लिए कुछ राहत दे दी है। श्रद्धालु हरकी पैड़ी पर सुबह सात बजे तक स्नान कर लेंगे। इसके बाद आम श्रद्धालु हरकी पैड़ी क्षेत्र पर नहीं होगी और क्षेत्र अखाड़ों के संतों के स्नान के लिए आरक्षित होगा।
ये शाही स्नान का क्रम है
1. सबसे पहले निरंजनी अखाड़ा अपने साथी आनंद के साथ अपनी छावनी से सुबह 8.30 बजे चलेगा। हर की पौड़ी पर पहुंचकर निरंजनी अखाड़े के संत शाही स्नान करेंगे।
2. उसके बाद 9 बजे का समय जुना अखाड़ा व अग्नि अखाड़ा, आवाहन और किन्नर अखाड़ा को स्नान के लिए दिया गया है। जूना अखाड़े से निकलकर हर की पौड़ी ब्रह्मकुंड में स्नान करेगा।
3. उसके बाद महानिर्वाणी अपने साथी अटल के साथ कनखल से हर की पौड़ी की ओर रुख करेगा। इस अखाड़े के संत यहाँ से 9.30 बजे शाही स्नान के लिए निकलेंगे।
4. उसके बाद तीनों बैरागी अखाड़े श्री निर्मोही अणी, दिगंबर अणी, निर्वाणी अणी 10:30 बजे अपने हाथों से चलकर हर की पौड़ी पहुंचेंगे।
5. उसके बाद श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा 12:00 बजे अपने अखाड़े से हर की पौड़ी की ओर रुख करेगा।
6. श्री पंचायती नई उदासीन अखाड़ा लगभग 2:30 बजे अपने अखाड़े से हर की पौड़ी की ओर रुख करेगा।
7. आखिर में श्री निर्मल अखाड़ा 3 बजे के करीब अपने अखाड़े से हर की पौड़ी की ओर रूख करेगा।
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