हरियाणा के कोरोना संक्रमण के नए मामलों में भारी बढ़ के देखते हुए खट्टर सरकार की तरफ से जहां नाइट कर्फ्यू सहित और अन्य सख्ती बढ़ाई गई है तो वहीं दूसरी तरफ सरकार ने यह साफ कर दिया कि राज्य को किसी भी सूरत में लॉकडाउन नहीं किया जाएगा। एबीपी न्यूज के साथ विशेष बातचीत करते हुए हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि अबकी बार सरकार पूरी तरह से मुश्तैद है, सालभर का कोरोना से सामना का अनुभव है। ऐसी सूरत में अब हरियाणा को लॉकडाउन नहीं किया जाएगा।
जीवन चला और जीवन
अनिल वीजी ने कहा, “हरियाणा में कोरोना के प्रसार की रोकथाम के लिए सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के दौरान लोगों में पहले की तरह गंभीरता नजर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि हम पूरे प्रयास कर रहे हैं। कल एडिशन चीफ सेक्रेटरी होम और हेल्थ को आदेश जारी किया गया है कि वे अपने विभागों को कोरोना प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करवाएं ताकि लोग उसका पालन करें। हम लॉकडाउन के पक्ष में नहीं हैं। हम चाहते हैं कि जीवन आगे भी रहे और जीवन बचती भी रहे।”
लोगों का सहयोग जरूरी
हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा- ये मुमकिन केवल सख्ती से पाए जा सकते हैं। अभी सिर्फ नाइट कर्फ्यू लगाया गया है रात 9 से सुबह 5 बजे तक है। केवल आवश्यक सेवाओं को छूट दी है और बाकी सेवाओं को बंद करने को कहा है। गैंदरियों पर भी बैन लगाया गया है। इनडोर में अधिकतम 200 जबकिआउटडोर में 500 रखे गए। टेलकिन लोगों के सहयोग के बिना कामयाब नहीं होंगे।
हरियाणा सरकार पूरी तरह से मुश्तैद
अनिल विज ने कहा कि हरियाणा सरकार को कोरोना सख्ती को लेकर पूरी तैयारी है। 45 हजार क्वारंटाइन बेड्स, 11 हजार आइसोलेशन बेड हैं, पर्याप्त GBU किट्स और फ़ंक्शन है और अधिक बेड्स की जरूरत पर प्राथमिक अस्पतालों को लेने की इजाजत दे दी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में आम तौर पर 70 प्रतिशत मरीज होम आइसोलेशन है। डॉक्टरों को कहा कि वे सप्ताह में एक बार अपने घर पर चेकअप करें।
उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा में लॉकडाउन को लेकर हम ऐसा नहीं सोचते हैं। पहली बार हमारे पास कोई तैयारी नहीं थी। अब हम पूरी तरह से तैयार है। पहले हमारे पास अनुभव नहीं था। अब हमारा पास सालभर का अनुभव है। हरियाणा में वैक्सीन को कीई कमी नहीं है। हरियाणा में 26 लाख वैक्सीन लगाई गई हैं। 11-14 लाख तक उत्सव में 10 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। हरियाणा में किसी को वापस जाने की जरूरत नहीं है। हम लॉकडाउन नहीं लगाएंगे, किसी को बंद करने की जरूरत नहीं है।
ज्यादा से ज्यादा कोरोना का टेस्ट हो
अनिल वीजी ने कहा कि लोगों को आरटीई-पीसीआर टेस्ट करना चाहिए। 35 हजार लोगों को रोजाना टेस्ट कर रहे हैं। हमारे डॉ। सक्षम नए स्ट्रेन को सामना में है। ये नियम तय हुआ है कि जितने आरटीपीसीआर टेस्ट किए जा रहे हैं उसका 2 प्रति जीनोम टेस्ट किया जाएगा। उसका सैंपल दिल्ली भेजा जा रहा है।
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