नई दिल्ली: देशभर में कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। सीबीएसई 10 वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा रद्द कर दी गई हैं और 12 वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में कर दी गई हैं। 10 वीं के नतीजे बोर्ड द्वारा तैयार किए गए मानदंडों के आधार पर तैयार किए जाएंगे। 12 वीं कक्षा की परीक्षाएं बाद में होंगी, बोर्ड 1 जून को स्थिति की समीक्षा करेगा। ये जानकारी शिक्षा मंत्रालय ने दी है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने कहा, “10 वीं कक्षा के छात्रों को आतंकी मूल्यांकन के आधार पर अगले में भेजा जाएगा। अगर कोई छात्र मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं है तो कोरोना से परिस्थिति सामान्य होने पर वह परीक्षा दे सकती है।”
सीबीएसई की परीक्षाओं को रद्द करने या आगे बढ़ाने को लेकर उठ रही मांगों के मद्देनजर पीएम मोदी ने आज शिक्षा मंत्रालय के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की थी। इसी बैठक में निर्णय के बाद ही शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षाओं को रद्द और स्थिगित करने की घोषणा की है। इससे पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई नेताओं ने कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते खतरे के मद्देनजर सीबीएसई परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है।
सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा कब हुई थी
दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं की डेटशीट पहले ही जारी की जा चुकी है। बोर्ड परीक्षाएं 4 मई से शुरू होकर 10 जून तक चलनी थी। वहीं 10 वीं और 12 वीं की बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट 15 जुलाई तक घोषित करने का एलान किया गया था। सीबीएसई की इन बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत 4 मई से हुई थी। सीबीएसई द्वारा जारी की गई डेटशीट के मुताबिक 6 मई को दसवीं कक्षा के छात्रों के लिए अंग्रेजी की परीक्षा आयोजित की जानी थी। 10 मई को हिंदी, 11 मई को उर्दू, 15 को विज्ञान, 20 को गृह विज्ञान, 21 मई को गणित और 27 मई को सामाजिक विज्ञान की परीक्षा ली जानी थी।
राहुल गांधी बोले- सीबीएसई परीक्षा आयोजित कराने पर सरकार को फिर से विचार करना चाहिए
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