एक बार पूनम (पूनम ढिल्लन) लॉस एंजेलिस में थे। वहां वे अपने दोस्त जगमोहन मूंदड़ा के फिल्मी सेट पर पहुंचीं। जगमोहन तब लॉस एंजेलिस में सेटल होने की कोशिश कर रहे थे। उसी सेट पर पूनम ने पहली बार वैनिटी वैन जैसी कोई चीज़ देखी। पूनम ने देखा कि इस वैन में कलाकारों के आराम का पूरा सामान है। उन्हें ये कॉन्सेप्ट इतना पसंद आ गया कि वे थान लिया था कि वो वैनिटी वैन का ये कॉन्सेप्ट भारत में भी आएंगे।
1991 में पूनम ढिल्लों ने जे। क्वार्टर्स के साथ मिलकर 25 वैनिटी वैन बनवाई और भारत में लॉन्च कर दी। शुरुआत में प्रड्यूसर्स इन वैनिटी वैन को फिजूल खर्ची समझने लगे। सबको लग रहा था कि स्टूडियो हैं और सभी काम हो जाते हैं। फिर कुछ समय बाद एक प्रड्यूसर ने कहा कि चलों मैं वैनिटी वैन ट्राई करता हूं, उसके बाद एक-एक करके कई प्रड्यूसर्स ने वैनिटी वैन ली, क्योंकि सबको धीरे-धीरे वैनिटी वैन की अहमियत समझ में आ गई है।
जब बड़े-बड़े प्रड्यूसर्स ने वैनिटी वैन हायर करनी शुरू कर दी तो स्टार्स ने भी अपनी पर्सनल वैनिटी रखनी शुरू कर दी। आज बॉलीवुड के हर बड़े स्टार के पास अपनी खुद की वैनिटी वैन है, जिसकी कीमत करोड़ों में जाती है। कुछ भी हो वैनिटी वैन को भारत में इंट्रोड्यूज करने वाली तो पूनम ढिल्लों ही हैं।
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