अहमदाबाद: strong> गुजरात के सूरत में एक अजीब मामला सामने आया है। यहां एक ठगी के आरोपी ने खुद को बचाने के लिए भी ठगी का सहारा लिया। उसने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने का घेरा रची हालांकि जांच में पकड़ा गया। उन्होंने जाली कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट बना कर खुद को पेशी से बचाने की कोशिश की। & nbsp; p>
क्राइम ब्रांच ने ठगी का मामला दर्ज किया है strong> p> <> जा रहा है कि एक जमीन के मामले में आरोपी पर क्राइम ब्रांच ने ठगी का मामला दर्ज किया है। मार्च में उसने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ली थी और अप्रैल में उसे पुलिस के सामने पेश होना था। लेकिन, उसने ऐसा नहीं किया। साथ ही पुलिस को धोखा देने के लिए उसने ठगी कर दी। & nbsp; p>
बताया जा रहा है कि उसने एक निजी लेबोरेट्री से आरटीपीसीआर टेस्ट की पॉजिटिव रिपोर्ट हासिल कर ली। पुलिस के सामने पेश न होने वाले इसलिए उसने रिपोर्ट भेज दी। पुलिस को रिपोर्ट पर शंका हुई तो इसकी जांच की गई। प्राथमिक जांच में पता चल रहा है कि वास्तव में रिपोर्ट फर्जी है। पुलिस ने उसपर एक अलग से ठगी का मामला दर्ज कर लिया है। & nbsp; p>
वहां आरटीपीसीआर टेस्ट होता ही नहीं strong> p>
मूल में पुलिस पहले से ही ठग । सावधानी थी। इससे पहले भी फर्जी दस्तावेज बनाने में ही उसे पकड़ा गया था। जब कोविड रिपोर्ट में भेजी तो नियमों के अनुसार उस पर कोई क्यूआर कोड आदि मौजूद नहीं था। साथ ही उस पर जो आई’डी लिखी गई थी वह भी देखने योग्य थी। जब पुलिस उस केंद्र पर पहुंची तो पता चला कि वहां आरटीपीसीआर टेस्ट होता ही नहीं है। & nbsp; p>
जांच के खुलासे के बाद पुलिस अधिकारी भी चकित हैं। साथ ही आरोपी के खिलाफ नए मामले में भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अन्य मामलों में भी आरोपी की लिपटता का पता लगाया जा रहा है। & nbsp; p>
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