देश में कोरोनाइरस की दूसरी लहर तबाही मचा रही है। पिछले एक साल से अधिक समय से जारी महामारी में बुधवार को पहली बार दो हजार से अधिक लोगों की जान चली गई, जबकि तीन लाख के पास नए केस आए। ये सबके बीच, सरकार वैक्सीनेशन प्रक्रिया को और तेज करने में शुरू हुई है। एक मई से 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाने का ऐलान भी हो चुका है। अब सरकार ने जो ताजा आंकड़े दिए हैं, उसके साथ चंद लोगों में भी जो वैक्सीन को लेकर आशंकाएं हैं, वे भी कम होंगे। दरअसल, केंद्र ने बुधवार को आंकड़े जारी करके बताया है कि जिन लोगों ने वैक्सीन की दोनों डोज लगवा ली है, उनमें सिर्फ 5500 लोग ही कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं। यानी कि दस हजार में सिर्फ तीन लोग ही पाए गए हैं।
केंद्र सरकार ने वैक्सीनेशन को लेकर बताया कि कोविशील्ड या कोविक्सीन की पहली खुराक ले चुके 21000 से ज्यादा लोगों में पाए गए हैं, जबकि उनकी दोनों खुराक ले चुके लोगों में से भी 5500 से ज्यादा लोगों में पाए गए हैं। अभी तक कोविक्सीन और कोविशील्ड की तकरीबन 13 करोड़ डोज लोगों को लगाई जा चुकी है। कोविक्सीन की 1.1 करोड़ डोज में 93,56,436 लोग पहली डोज लगवा चुके हैं। पहले डोज के बाद पॉजिटिव होने वालों की संख्या 4208 है जोकि 0.04 प्रति है। वहीं, 17,37,178 लोग कोविक्सीन की दूसरी डोज लगवा चुके हैं। केवल 695 लोग ही पॉजिटिव पाए गए हैं। यह दूसरी डोज लगवा चुके लोगों का सिर्फ 0.04 प्रति ही है।
कोविशील्ड की साढ़े 11 करोड़ से अधिक खुराकें दी गईं
सेराम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) द्वारा बनाई जा रही ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेन्का की वैक्सीन कोविशील्ड की साढ़े 11 करोड़ से अधिक डोज लगाई जा रही हैं। सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, 10,03,02,745 पहले डोज लगाई गई हैं, जबकि इसमें से 17145 (0.02 प्रतिशत) पॉजिटिव हुए हैं। वहीं, दूसरी डोज 15732754 दी गई हैं, जिसमें से 5014 लोग को विभाजित पॉजिटिव पाए गए हैं। यह सिर्फ 0.03 प्रति है। सरकार के इन आंकड़ों से साफ है कि वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने वाले लोगों को कोरोना की दूसरी लहर में काफी राहत मिली है और अस्थिर होने वालों की संख्या काफी कम है।
गंभीर बीमारी होने से रोकती है वैक्सीन
वैक्सीन कोरोना के गंभीर संक्रमण से भी बचाती है। एम्स के निदेशक डॉ। रणदीप गुलेरिया ने बुधवार को बताया, ” वैक्सीन आपको गंभीर संक्रमण से बचाती है। हो सकता है कि यह आपको सकारात्मक होने से न बचाए। यह समझना जरूरी है कि वैक्सीन के बाद भी पॉजिटिव रिपोर्ट आ सकती है, इस के लिए लगने के बाद भी वर्क पहनना जरूरी है। ’’ उधर, सरकार ने बताया कि अभी यह देखने का समय नहीं है कि हमने क्या तैयारी की है और कहां हैं। डिफ़ॉल्ट रूप से, आज महामारी का एकजुट होकर मुकाबला करने का और इससे उबरने का समय है।
किस आयु के कितने लोग दूसरी लहर में उत्पन्न होते हैं?
सरकार ने बताया कि तीस साल या उससे अधिक उम्र के लोगों में पहली लहर में को विभाजित -19 के 67.5 फीसद मामले आए थे, जबकि दूसरी लहर में इस आयुवर्ग के 69.18 प्रतिशत मामले आए हैं। महामारी की पहली लहर में 20 से 30 साल के आयु वर्ग में को विभाजित -19 के 20.41 प्रतिशत मामले आए, जबकि दूसरी लहर में इस आयुवर्ग के 19.35 प्रतिशत मामले रहे। महामारी की पहली लहर में 10 से 20 साल के आयु वर्ग में को विभाजित -19 के 8.07 प्रतिशत मामले मिले थे। दूसरी लहर में 8.50 प्रतिशत मामले सामने आए हैं।
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