नई दिल्ली: देश में कोरोना संक्रमण से हर दिन तीन हजार से लोगों की जान जा रही है। ऐसे में कई राज्यों ने तीसरे चरण के टीकाकरण को लेकर हाथ खड़े कर दिए हैं। कई राज्यों का कहना है कि 1 मई से 18 से 44 साल के लोगों को टीका नहीं लगाया जा सकेगा, क्योंकि उनके पास पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन नहीं है। ऐसी स्थिति में कल से तीसरे चरण के टीकाकरण अभियान का शुरू होना मुश्किल लग रहा है। यहाँ जानिए राज्य सरकारों का क्या कहना है।
“महाराष्ट्र में 25-30 लाख खुराक मिलने तक टीकाकरण अभियान नहीं”
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा है कि राज्य को कोरोनावायरस रोधी टीके की 25-30 लाख शीशियां जब तक नहीं मिल जाती हैं तब तक 18-44 साल की उम्र के लोगों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू नहीं किया जाएगा। टीकाकरण शुरू करने के लिए कम से कम पांच दिन का पर्याप्त स्टॉक होना चाहिए। राज्य की क्षमता रोजाना आठ लाख लोगों को टीका लगाने की है। महाराष्ट्र के कई बार टीकों की कमी की वजह से टीकाकरण अभियान रोक दिया गया है जो 45 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए चल रहा है।
इस बीच पांजी में गो के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भी कहा कि राज्य को जब विभाजित रोधी की खुराकें मिल जाएंगी तब वह 18-44 साल के लोगों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू करेगा। गो सरकार ने कोविशील्डेक बनाने वाले सीरम इंस्ट्टीयूट ऑफ इंडिया को पांच लाख खराकों का नंबर दिया है।
मध्य प्रदेश में 3 मई के बाद की वृद्धि
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में एक मई से टीकाकरण अभियान शुरू किया जाना था, लेकिन गायक निर्माता कंपनियों से केक प्राप्त नहीं होने के कारण यह अभियान एक मई से शुरू नहीं किया जा सकेगा। प्रदेश में तीन मई को टीकों की खुराक मिलने की संभावना है और उसके बाद इस आयु वर्ग का टीकाकरण का काम किया जाएगा।
आंध्र और तेलंगाना में भी टीके की कमी
टीके की कमी से जूझ रहे तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी टीकाकरण अभियान के नए चरण के शुरू होने की संभावना नहीं है। तेलंगाना जन स्वास्थ्य के महानिदेशक जी श्रीनिवास राव ने कहा कि राज्य सरकारoc निर्माताओं के संपर्क में है लेकिन इसमें कोई निश्चितता नहीं है कि टीकाकरण के लिए स्टॉक कब उपलब्ध होगा। टीकाकरण अभियान शुरू करने की कोई संभावना नहीं है। हम टीके की तलाश में हैं। हमें लगभग चार करोड़ खुराक की जरूरत है।
आंध्र प्रदेश के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, टीका निर्माताओं से टीके की खरीद में देरी की वजह से एक मई से टीकाकरण अभियान शुरू नहीं किया गया है। राज्य सरकार ने निर्माताओं को टीके की आपूर्ति के लिए पत्र लिखा था और अभी तक उन्हें कोई पुष्टि नहीं मिली है।
पंजाब, गुजरात में टीकाकरण को लेकर अनिश्चितता
पंजाब और गुजरात में एक मई से टीकाकरण को लेकर अनिश्चितता है, क्योंकि दोनों राज्यों की सरकारों ने कहा है कि उनके पास कोरोनावायरस रोधी टीके की पर्याप्त खुराकें नहीं हैं। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा, ‘हमें टीके की पर्याप्त खुराकें नहीं मिल रही हैं। इसलिए हमें समस्या का सामना करना पड़ रहा है। टीकाकरण के लिए हमारे पास पर्याप्त संख्या में कर्मी और व्यवस्था है। ‘
वहीं गुजरात सरकार ने कहा कि दवा कंपनियों से पर्याप्त संख्या में टीका मिलने पर ही वह तीसरे चरण का टीकाकरण अभियान शुरू करेगी। हालांकि, राज्य में 18 से 45 साल तक के लोगों के टीकाकरण के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
जम्मू में टीकाकरण 20 मई के आसपास शुरू होने की संभावना
जम्मू कश्मीर में 1 मई से 18 साल से अधिक की आयु के लोगों के लिए कोरोनाकैनीकरण शुरू नहीं होगा। जम्मू कश्मीर के स्वास्थ्य विभाग के फाइनैंशल कमिश्नर ने एबीपी न्यूज से दावा किया कि वैक्सीन उपलब्ध न होने के कारण प्रदेश में यह टीकाकरण 20 मई के आसपास शुरू होगा।
दिल्ली के पास भी टीके नहीं हैं
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि टीकाकरण के लिए शहर के पास टीके नहीं हैं और इनकी खरीद के लिए उत्पादकों को हस्तांतरण दे दिए गए हैं। हालांकि, मंत्री ने कहा कि इस श्रेणी में आने वाले लोगों को केक देने की तैयारी पूरी हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्पादकों ने दिल्ली सरकार को वर्तमान में आपूआरती कार्यक्रम उपलब्ध नहीं कराया है।
बिहार सरकार के पास भी वैक्सीन नहीं है
बिहार में एक मई से टीकाकरण नहीं हो पाएगा। बिहार राज्य स्वास्थ्य सोसाइटी की ओर से कहा गया है कि दूसरे सप्ताह से 18 साल से ऊपर वालों को कोरोना का टीका लगता है। बिहार में 18-45 साल के लोगों की आबादी 5.46 करोड़ है। 18 साल के ऊपर के लोगों को केक लगाने के लिए पहली नंबर दे दी दया है।
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